गैंगस्टर व खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) का आतंकी अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डल्ला पंजाब में आतंकवाद की जड़ों को कनाडा में बैठ कर मजबूत कर रहा था। अर्शदीप पंजाब में आंतकी फंडिंग करने, सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, हत्या और जबरन वसूली के मामलों में वांछित है। जनवरी 2023 में अर्शदीप को भारतीय गृह मंत्रालय की तरफ से आतंकी भी घोषित किया जा चुका है।
नेशनल इन्वेस्टिशन एजेंसी (एनआईए) की जांच के अनुसार अर्शदीप कनाडा में बैठकर पंजाब, हरियाणा सहित कई प्रदेशों में गैंगस्टरों को संचालित कर रहा था। साथ ही उसका पाकिस्तान में बैठे आंतकियों से भी लिंक था। इसी आधार पर पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में अर्शदीप आंतकियों को मॉडयूल चला रहा था। अर्शदीप डल्ला पहले गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल रहा और बाद में आतंकी बन गया।
पंजाब के मोगा का रहने वाला है डल्ला
डल्ला मूल रूप से पंजाब के मोगा का रहने वाला है और कुछ वर्षों से कनाडा में छिपकर बैठा था। एनआईए के मुताबिक साल 2022 में अर्शदीप नकली पासपोर्ट बनाकर कनाडा फरार हो गया था। इसी साल इसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। इससे पहले पंजाब पुलिस ने अर्श डल्ला की तरफ से फंड किए जा रहे कई गिरोहों का पर्दाफाश किया था। इस दौरान अर्शदीप के कई सहयोगियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। पंजाब पुलिस ने आरोपी सहयोगियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में नकली आईईडी, हैंड ग्रेनेड, गोला बारूद और अन्य हथियार भी बरामद किए थे। पंजाब पुलिस को डल्ला की भी तलाश थी।
डल्ला का भाई बलदीप कनाडा में
एनएआई की रिपोर्ट के मुताबिक आतंकी अर्शदीप सिंह का भाई बलदीप सिंह डल्ला कथित तौर पर फर्जी तौर पर कनाडा भागा हुआ है। साल 2022 में मोगा सिटी-1 पुलिस स्टेशन में इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। साल 2021 में बलदीप को मोगा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस समय दावा किया था कि भारत-पाकिस्तान सीमा के पास एक एरिया से चार विदेशी पिस्टल की बरामदगी की गई थी। पंजाब पुलिस का यह भी दावा है कि बलदीप अपने भाई अर्शदीप डल्ला के लगातार संपर्क में था और अपने भाई के इशारे पर देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में संदिग्ध था।
निज्जर का दाहिना हाथ डल्ला
डल्ला खालिस्तान समर्थक आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर का दाहिना हाथ माना जाता था। निज्जर की कनाडा में हत्या कर दी गई थी। निज्जर का जन्म पंजाब के जालंधर जिले में हुआ था। युवा अवस्था के दौरान 1997 में वह कनाडा चला गया था। कनाडा में उसने खालिस्तान समर्थकों के लिए नई जमीन तैयार की। भारत ने उसे आतंकवादी करार दिया था।