मानसा के नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा का आज चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में पोस्टमार्टम हो रहा है। गुरुवार आधी रात करीब 12 बजे उनके शव को एंबुलेंस के जरिए चंडीगढ़ रवाना किया गया। ‘सतनाम वाहेगुरु’ का जाप करते हुए उनके शव को अस्पताल की मोर्चरी से बाहर निकाला गया।
इसके बाद आधुनिक सुविधाओं से लैस आईसीयू, वेंटिलेटर और फ्रीजर वाली एंबुलेंस में शव को रखकर चंडीगढ़ पीजीआई भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव को मानसा लाने और अंतिम संस्कार को लेकर आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
पिता ने अन्न-जल त्यागा
वहीं अब परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने एक नई मांग रखकर अन्न-जल त्याग दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने सरकार और समिति की बात मान ली है, लेकिन अब अंतिम संस्कार से पहले एसएसपी का तबादला किया जाए। मेरे बेटे की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों में एसएसपी भी शामिल हैं।
अकाली दल वारिस पंजाब दे के नेता सुरजीत सिंह भूरा ने कहा कि पोस्टमार्टम पूरा होने के समय के आधार पर, अंतिम संस्कार आज या कल किया जाएगा। शाम 5 बजे के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उनके परिवार की मांगों में सीएम और डीजीपी का इस्तीफा शामिल है। पैसे और नौकरी की मांग परिवार की तरफ से नहीं, बल्कि समिति के सदस्यों की तरफ से की गई थी। परविंदर सिंह झोटा के पिता ने तब तक अन्न-जल त्याग दिया है, जब तक कि एसएसपी का तबादला नहीं हो जाता।
दो करोड़ मुआवजा और नाैकरी का भरोसा
परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे संघर्ष के 23वें दिन पंजाब सरकार और एक्शन कमेटी के बीच सहमति बनी थी। परिवार को 2 करोड़ रुपये मुआवजा और नौकरी देने का भरोसा दिया गया। दलजीत सिंह भम्मे के परिवार को भी नौकरी और मुआवजा देने का भरोसा दिया गया है।
धरने के 24वें दिन गुरुवार को इरादतन हत्या के मामले में गिरफ्तार लक्खा सिधाना और मोहनजीत शेरो को नाभा जेल से रिहा कर दिया गया। इसके बाद गुरुवार आधी रात को परिवार की सहमति के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेज दिया गया।
यह है मामला
मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्तूबर को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार और उसकी पत्नी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। झोटा की हत्या के बाद पूरे पंजाब में आक्रोश फैल गया था। परिवार इंसाफ की मांग पर अड़ गया था। पंजाब सरकार ने केस की जांच सीबीआई को साैंपी है।