प्रदेश को इस वित्तीय वर्ष में मिला 644 करोड़ रुपये फंड
केंद्र सरकार की तरफ से जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024-25 के लिए पंजाब सरकार को 644 करोड़ रुपये फंड आवंटित किया गया है, जो वर्ष 2023-24 के मुकाबले अधिक है। पिछले वित्तीय वर्ष में केंद्र ने 479 करोड़ आवंटित किए थे। इसी तरह वर्ष 2022-23 में सबसे अधिक 2403 करोड़ जारी किए थे। पानी की गुणवत्ता व नियमितता में सुधार के लिए ही केंद्र की तरफ से सभी राज्यों को यह फंड जारी किया जाता है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लिए थे सैंपल
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ मिलकर फिरोजपुर फीडर नहर के सैंपल लिए थे, जिसमें सामने आया था कि इस नहर के पानी की गुणवत्ता जल गुणवत्ता मापदंड के तहत तय क्लास के अनुसार सही नहीं पाई गई।
पानी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) का स्तर तय मानकों से अधिक 5 एमजी/एल पाया गया था, जबकि यह 3 एमजी/एल या उससे कम होना चाहिए। वहीं इंदिरा गांधी नहर के पानी की गुणवत्ता सही पाई गई थी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार पंजाब के शहरों और कस्बों से निकलने वाले बिना ट्रीट सीवरेज के पानी और औद्योगिक अपशिष्ट के कारण सतलुज नदी के पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है, जिनमें लुधियाना (बुड्डा नाले ड्रेन), जालंधर और फगवाड़ा (पूर्वी बेन ड्रेन) शामिल हैं। सीपीसीबी सतलुज नदी, ब्यास नदी, राजस्थान नहर, बुड्डा नाला और पूर्वी बेन नाले के जल गुणवत्ता की नियमित रूप से निगरानी करता है।