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Interview: पंजाब की महिला विकास मंत्री डाॅ. बलजीत काैर बोलीं, महिला हेल्पलाइन नंबर 181 को बनाएंगे प्रभावी

Mon, 09 Dec 2024 07:58 AM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार की तरफ से जो भी योजनाएं चल रही है, पहले तो उनके प्रति महिलाओं को जागरुक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके लिए विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं। महिलाओं और बच्चों को सही रूप से पोषण मिल रहा है या नहीं, इस बात का ध्यान रखा जा रहा है।
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मंत्री डाॅ. बलजीत काैर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब सरकार की तरफ से बड़े स्तर पर अलग-अलग विभागों में भर्ती के लिए प्रयास शुरू किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास में भी कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए काम शुरू किया गया है। विभाग तीन हजार आंगनवाड़ी वर्करों की और भर्ती करने जा रहा है, ताकि महिलाओं और बच्चों से संबंधित सेवाओं को सही रूप से लागू किया जा सके। इससे पहले विभाग पांच हजार कर्मचारियों की भर्ती कर चुका है। 

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प्रदेश में महिला हेल्पलाइन नंबर को और प्रभावी बनाने, महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या कम करने व बिन अनुमति चल रहे प्ले-वे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अमर उजाला के वरिष्ठ संवाददाता राजिंद्र शर्मा ने सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर से इन सभी मुद्दों को लेकर बात की। पेश है बातचीत के मुख्य अंश।

सवाल : पंजाब में महिलाओं और बच्चों से संबंधित योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने के लिए कैसे काम किया जा रहा है
जवाब :
सरकार की तरफ से जो भी योजनाएं चल रही है, पहले तो उनके प्रति महिलाओं को जागरुक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके लिए विशेष कैंप भी लगाए जा रहे हैं। महिलाओं और बच्चों को सही रूप से पोषण मिल रहा है या नहीं, इस बार का ध्यान रखा जा रहा है। 27 हजार आंगनवाड़ी महिला वर्कर हैं। पहले उनका तबादला नहीं हो पाता था। अगर किसी की शादी एक से दूसरे शहर में हो जाती थी तो उनको नौकरी छोड़नी पड़ती थी। यही कारण है कि उनके लिए नई नीति लेकर आएं, ताकि नई जगह पर उनका तबादला किया जा सकें।

सवाल : क्या महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी विभाग किसी नई योजना पर काम कर रहा है?
जवाब :
प्रदेश में इस समय 181 महिला हेल्पलाइन नंबर काम कर रहा है। इस नंबर को और प्रभावी बनाने के लिए काम कर रहे हैं। अभी फिलहाल स्टाफ की कमी व अन्य समस्याओं के कारण हेल्पलाइन नंबर पर आने वाले सभी शिकायतों पर कार्रवाई करने में समय लगता है। यही कारण है कि इस हेल्पलाइन नंबर को प्रभावी बनाया जाएगा। इसके लिए नये कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। एक एप बनाने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि छेड़छाड़ की शिकायत आने वाले संबंधित महिला की लोकशन ट्रेक करके तुरंत उसके पास पहुंचा जा सकें। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस पर काम शुरू कर दिया गया है।
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सवाल : महिलाओं में अनीमिया के केसों को कम करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
जवाब :
प्रदेश में पहले से अनीमिया के मामले कम जरुर हुए हैं, लेकिन अभी यह अधिक बने हुए हैं। इनको कम करने के लिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गर्भवती महिलाओं को पोषक तत्वों से भरपूर डाइट मिले, ताकि आगे बच्चों में भी अंडरवेट, कमजोरी व थकान की समस्या कम की जा सकें। हर बुधवार को विभाग ऐसे मामलों की स्क्रीनिंग के लिए जिला स्तर पर विशेष कैंप लगा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पतालों में वन स्टॉप सेंटर बनाए गए हैं, ताकि महिलाओं को अस्पताल, पुलिस, कानूनी सहायता को लेकर सभी तरह की सुविधाएं इस एक ही सेंटर पर प्रदान की जा सकें।

सवाल : पंजाब में इस समय धड़ल्ले से प्ले-वे खुल रहे हैं? उनके व्यवस्थित करने के लिए क्या किया जा रहा है?
जवाब :
हम सभी प्ले-वे का पंजीकरण करने जा रहे हैं, जिसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी प्ले-वे का डाटा जुटाया जाएगा और इनका पंजीकरण किया जाएगा। विभाग की तरफ से एक पॉलिसी तैयार की जाएगी, जिसमें तय नियमों की पालना करने के बाद ही प्ले-वे का संचालन किया जा सकेगा। प्ले-वे खोलने के लिए कितना एरिया अनिवार्य होगा, एक साथ कितने बच्चों को प्ले-वे में रखा जा सकेगा, इन सभी बातों को पॉलिसी में शामिल किया जाएगा।

सवाल : अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सरकार कोई बड़ी योजना ला रही है?
जवाब :
पिछले काफी सालों से पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरपिश रुकी हुई थी, जिसको जारी करवाने का काम मौजूदा सरकार की तरफ से किया गया है। इसी तरह अल्पसंख्यकों के लिए समर्पित दो परियोजनाएं ला रहे हैं। पहला मलेरकोटला में मेडिकल कॉलेज खुल रहा है। इसी तरह गुरदासपुर में एक कृषि कॉलेज खोलने पर भी काम कर रहे हैं।

सवाल : फर्जी पेंशन लेने के मामले में विभाग ने क्या कार्रवाई की है?
जवाब :
हाल ही में विभाग की पकड़ में फर्जी पेंशन के मामले आए थे, जिसमें अयोग्य लाभार्थी भी कई तरह की पेंशन जैसे दिव्यांग, बुढ़ापा व अन्य पेंशन का लाभ ले रहे थे। विभाग की तरफ से 146 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है। दिव्यांग पेंशन के मामलों को चैक करने के लिए जिला अस्पतालों में ही सेंटर खोल दिए गए हैं, ताकि योग्य लाभार्थियों को चेकिंग के दौरान किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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