दो दिन तक डरी रही बच्ची
परिजनों के मुताबिक, बच्ची स्कूल में दो चोटियां बनाकर आने के नियम के बावजूद एक चोटी बनाकर पहुंची थी। इसी बात पर शिक्षिका ने उसे कथित तौर पर सजा दी। परिजनों का आरोप है कि बच्ची को घटना के बारे में घर में किसी को न बताने के लिए भी डराया गया। घटना के बाद बच्ची दो दिन तक डरी-सहमी रही और ठीक से सो भी नहीं पाई। बाद में उसने रोते हुए परिवार को आपबीती सुनाई। पिता का कहना है कि नियम का उल्लंघन होने पर स्कूल प्रबंधन अभिभावकों को सूचित कर सकता था, लेकिन बच्ची को इस तरह की सजा देना उचित नहीं था।
शिकायत के बाद शिक्षिका से नहीं मिलने देने का आरोप
परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर शिकायत के बाद आरोपी शिक्षिका से मुलाकात नहीं कराने और वीडियो बनाने से रोकने का आरोप भी लगाया। परिजनों का दावा है कि स्कूल में स्थायी प्रिंसिपल भी नहीं है। उनका आरोप है कि विरोध करने पर स्कूल प्रशासन ने बच्ची की बात पर सवाल उठाए। मामले में स्कूल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।