पंजाब पुलिस के एडीजीपी एमएफ फारुकी और इंस्पेक्टर सुरेश कुमार को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनके अलावा अन्य जवानों व अफसरों को पुलिस पदक प्रदान किया जाएगा।
एडीजीपी फारुकी मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले है। साल 1997 से वे पंजाब में सेवाएं दे रहे हैं। 1995 बैच के आईपीएस की पंजाब में पहली नियुक्ति दिसंबर 1997 में होशियारपुर में बतौर एएसपी की गई थी। उसके बाद उन्होंने विभिन्न जिलों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाली। वह बीएसएफ में भी बतौर डीआईजी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में फारुकी स्टेट आर्म्ड पुलिस के एडीजीपी हैं।
एडीजीपी फारुकी ने बताया कि यह पदक उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए मिल रहा है। उनका मानना है कि पुलिस अफसर व जवान की कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए, जिससे लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़े। भ्रष्टाचार से दूर रहकर हमें सिर्फ लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहिए। अपराध खत्म करने के लिए सख्ती और संयम दोनों जरूरी है। अपने कार्यकाल में लोगों से जुड़ाव को ही वे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। जब लोग आपसे जुड़ते हैं तो नेटवर्क बहुत मजबूत होता है, जो कि अपराध नियंत्रण के लिए बहुत जरूरी है।
उधर इंस्पेक्टर सुरेश लुधियाना कमिश्नरेट में काउंटर इंटेलिजेंस में शामिल हैं। 36 वर्ष से सेवाएं दे रहे इंस्पेक्टर सुरेश कुमार को साल 2016 में भी सराहनीय सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और साल 2023 में मुख्यमंत्री पदक मिल चुका है। उन्हें विभिन्न उत्कृष्ट कार्यों के लिए 200 से अधिक प्रशंसा प्रमाण पत्र भी प्राप्त हैं। वे अच्छे एथलीट भी रहे हैं। इंस्पेक्टर कुमार ने कैश मैनेजमेंट फर्म सीएमएस के कार्यालय में पंजाब की सबसे बड़ी 8.49 करोड़ रुपये की डकैती को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाई थी।
इनके अलावा पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) इंटेलिजेंस-II गुरदियल सिंह और एक पीपीएस अधिकारी, डीएसपी एसएसओसी अमृतसर गुरप्रीत सिंह समेत इंस्पेक्टर सतिंदर कुमार, इंस्पेक्टर दीपक कुमार, इंस्पेक्टर जगदीप सिंह, इंस्पेक्टर तेजिंदरपाल सिंह, एसआई अमरीक सिंह, एसआई संजीव कुमार, एसआई अमृतपाल सिंह, एसआई अनिल कुमार, एसआई भूपिंदर सिंह, एएसआई जसविंदरजीत सिंह, एएसआई कुलदीप सिंह और एसआई कृष्ण कुमार को भी उनकी असाधारण सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया जाएगा।