गठित किए गए अल्पसंख्यक आयोग में सबसे ज्यादा भागीदारी ईसाई धर्म के प्रतिनिधियों की है। इनमें सात ईसाई, तीन मुस्लिम और दो जैन समुदाय से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है।
सरकार ने पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग का गठन कर दिया है। गृह मामले एवं न्याय विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
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इस आयोग में अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के अलावा नौ सदस्यों की नियुक्ति की गई है। गठित किए गए अल्पसंख्यक आयोग में सबसे ज्यादा भागीदारी ईसाई धर्म के प्रतिनिधियों की है। इनमें सात ईसाई, तीन मुस्लिम और दो जैन समुदाय से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है। मूल रूप से अमृतसर निवासी जतिंदर मसीह गौरव को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।
अमृतसर से ही विजय गिल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष व लुधियाना से संदीप जैन को उपाध्यक्ष बनाया गया है। मलेरकोटला के नदीम अनवर खान व शमशाद अली, राजपुरा के इस्लाम मोहम्मद, गुरदासपुर के शामून, अमृतसर के सैमुअल मसीह गिल, लुधियाना के दर्शन मसीह गिल व राजेश जैन, जलंधर की पूनम भट्टी व जॉन सहोता को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि 18 अगस्त को सभी पदाधिकारी व सदस्य पद व गोपनीयता की शपथ लेंगे।
आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आम आदमी पार्टी पंजाब में ईसाई मतदाताओं पर अपनी पकड़ मजबूत रखना चाहती है। इसी के चलते आप सरकार ने अब मसीह कल्याण बोर्ड के बाद अल्पसंख्यक आयोग के जरिये ईसाई मतदाताओं को साधने की कवायद शुरू की है।
बताते चलें कि गुरदासपुर, अमृतसर, फिरोजपुर और लुधियाना में सबसे ज्यादा ईसाई आबादी है। उधर पंजाब में ईसाई धर्म अपनाने वाले लोगों की संख्या भी पिछले कुछ साल में तेजी से बढ़ी है। पंजाब में करीब छह लाख से अधिक मतदाता हैं, जो विभिन्न विधानसभा सीटों पर अपना प्रभाव रखते हैं। इसी के मद्देनजर आप समेत सभी अन्य सियासी दलों की निगाहें भी इस वोट बैंक पर रहती हैं। आप इस वोट बैंक पर अपना प्रभाव जमाने के लिए ज्यादा गंभीर दिख रही है। आप ने पिछले दिनों मसीह कल्याण बोर्ड का गठन किया, जो इस समुदाय के लोगों के कल्याण संबंधी योजनाओं को बनाने व उन्हें क्रियान्वित करवाने में सहयोग करेगा। डेनियल मसीह को बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी जबकि बबीता खोसला, एलफ्रेड गुडविन, गीता गिल व शमशेर मसीह को बनाया गया था।
अब सरकार ने पंजाब राज्य अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया है। इसका मकसद अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण, उत्थान व उनके अधिकारों की रक्षा करना है। इस आयोग में भी ईसाई समाज से सात लोगों को शामिल किया गया है। इनमें अध्यक्ष जतिंदर मसीह गाैरव, विजय गिल, शामुअन, सेमुअल मसीह गिल, दर्शन मसीह, पूनम भट्टी व जॉन सहोता शामिल हैं। यह सभी सदस्य जालंधन, लुधियाना, अमृतसर और गुरदासपुर जिलों से ताल्लुक रखते हैं।
सुनिश्चित होगी अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा : स्टीफन
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता स्टीफन प्रकाश मसीह कहते हैं कि जतिंद्र मसीह गौरव की बतौर अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति से मसीह समाज में उत्साह का माहौल है। यह विशिष्ट नियुक्ति पंजाब में अल्पसंख्यक समुदायों के कल्याण, अधिकारों और उत्थान के प्रति उनके समर्पण, दूरदर्शिता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। अल्पसंख्यकों को विश्वास है कि उनके कुशल नेतृत्व में, आयोग न्याय, समानता और समावेशिता के आदर्शों को कायम रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि अल्पसंख्यकों के सांविधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो।