पंजाब में लिंगानुपात में सुधार हुआ है। अब एक हजार बेटों पर 910 बेटियां जन्म ले रही हैं लेकिन अभी भी यह राष्ट्रीय लिंगानुपात से कम है। राष्ट्रीय स्तर पर एक हजार बेटों पर 918 बेटियां पैदा हो रही हैं। केंद्र सरकार की नमूना पंजीकरण प्रणाली सांख्यिकीय रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
पंजाब के साथ ही पड़ोसी राज्य हरियाणा में पहले सुधार हुआ है जबकि हिमाचल प्रदेश में भी लिंगानुपात में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि हरियाणा में स्थिति पंजाब के मुकाबले अधिक खराब है। रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में वर्ष 2021-23 के दौरान एक हजार बेटों पर 884 बेटियों का जन्म हो रहा था। वर्ष 2022-24 के दौरान इसमें मामूली सुधार हुआ है और एक हजार बेटों पर 885 बेटियां पैदा हुईं। हालांकि हिमाचल में पहले से स्थिति खराब हो गई है। हिमाचल में वर्ष 2022-24 के दौरान एक हजार बेटों पर 956 बेटियों ने जन्म लिया जबकि 2021-23 में 958 बेटियां जन्म ले रही थीं।
केंद्र और पंजाब सरकार लड़कियों के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं जिसमें लड़कियों को मुफ्त शिक्षा, छात्रवृत्ति व इलाज की सुविधा दी जा रही है, ताकि लड़कियां पढ़ लिखकर आगे बढ़ सकें। सरकार भ्रूण लिंग जांच के अवैध केंद्रों पर भी सख्त कार्रवाई कर रही है। इस कारण पहले से लिंगानुपात में सुधार हो रहा है लेकिन अभी भी काफी कदम उठाने की जरूरत है ताकि लिंगानुपात को लड़कों के बराबर लाया जा सके। इसमें सबसे प्रमुख लोगों में जागरूकता फैलना है ताकि उनकी सोच बदल सके। - श्रुति शर्मा, डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, पीजीआई सैटेलाइट सेंटर, संगरूर।