पंजाब में खाद में मिलावट के मामलों में कमी जरूर आई है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब भी हर 20 में से एक खाद का सैंपल जांच में फेल हो रहा है।
कृषि विभाग ने अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक घटिया खाद बेचने के मामलों में 293 कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इस अवधि में 92 लाइसेंस निलंबित किए गए और तीन एफआईआर दर्ज की गईं। कालाबाजारी के मामलों में 37 नोटिस जारी कर एक लाइसेंस निलंबित किया गया तथा एक एफआईआर दर्ज हुई। हरियाणा में भी इसी अवधि में 51 नोटिस, 12 लाइसेंस निलंबन और छह एफआईआर दर्ज की गई हैं।
घटिया खाद की रोकथाम के लिए कृषि विभाग ने पांच विशेष टीमें गठित की हैं। पिछले वर्ष अप्रैल और जून में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 737 सैंपल लिए गए, जिनमें 11 मामलों में मानक से कम गुणवत्ता पाई गई और दो एफआईआर दर्ज की गईं। हाल ही में मलेरकोटला में अनधिकृत खाद और कीटनाशकों के भंडारण के मामले में एक फर्म के खिलाफ कार्रवाई भी की गई।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि किसानों को मानक कृषि उत्पाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। खाद और कीटनाशकों की बिक्री में किसी भी प्रकार के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।