पंजाब में कथित अवैध खनन गतिविधियों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। होशियारपुर में 50 से 100 मीटर तक गहरी अवैध माइनिंग किए जाने के आरोपों पर अदालत ने मौके का निरीक्षण करवाने और इसकी विस्तृत सील बंद स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। यह निर्देश याचिकाकर्ता राहुल मनचंदा बनाम पंजाब सरकार एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान जारी किए गए।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि जहां नियमानुसार माइनिंग की अनुमत गहराई करीब तीन मीटर तक सीमित है। वहीं, संबंधित क्षेत्रों में कथित तौर पर बिना वैध अनुमति के 50 मीटर से भी अधिक गहराई तक खुदाई की गई। याचिकाकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में प्रभावित स्थानों की तस्वीरें और उनके जियो-कोऑर्डिनेट्स (स्थान निर्देशांक) भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति यशवीर सिंह राठौर की खंडपीठ ने होशियारपुर जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव को खुद मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि निरीक्षण के दौरान मौके पर चल रही खनन गतिविधियों की प्रकृति, क्षेत्रफल और अनुमानित गहराई का आकलन किया जाए। निरीक्षण में होशियारपुर के उपायुक्त (डीसी) और स्थानीय माइनिंग अधिकारी को आवश्यक सहयोग देने के निर्देश भी दिए गए हैं।