सितंबर 2019 में हुए 28 वर्षीय अमनदीप सिंह के चर्चित कत्ल के मामले में फतेहगढ़ साहिब की अदालत ने करीब सात साल बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने हत्या के मामले में मृतक के मौसेरे भाई जसप्रीत सिंह निवासी गांव लुहार माजरा और उसके साथी गुरदीप सिंह निवासी नंदपुर कलौड़ को दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
क्षतिग्रस्त बाइक देख सड़क हादसा समझी गई थी घटना
मृतक पक्ष की ओर से कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता गुलकरण सिंह संधू ने बताया कि 18 सितंबर 2019 की रात मारवा रोड पर अमनदीप सिंह की बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिली थी। शुरुआती परिस्थितियों को देखते हुए थाना बस्सी पठाणा पुलिस ने इसे सड़क हादसा मानकर मामला दर्ज किया था। उस समय किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा
मामले में उस समय मोड़ आया जब अमनदीप सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि गला घोंटने के कारण दम घुटना बताया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के कोण से शुरू की और कई पहलुओं पर गहन पड़ताल की।
पूछताछ में सामने आई हत्या की कहानी
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के मौसेरे भाई जसप्रीत सिंह और उसके साथी गुरदीप सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस जांच के अनुसार दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आने के बाद मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं और हत्या के पीछे पारिवारिक रंजिश का खुलासा हुआ।