पंजाब के जालंधर के भोगपुर में लगाए जा रहे बायो सीएनजी प्लांट के विरोध में 23 अप्रैल को जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे को जाम कर धरना प्रदर्शन किया गया था। इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने एक दिन पहले मंगलवार को आदमपुर हलके से कांग्रेस विधायक सुखविंदर सिंह कोटली समेत विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेताओं, किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं समेत 150 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था है। अब यह मामला पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है।
भोगपुर बायो सीएनजी प्लांट को आबादी के बेहद निकट लगाने को प्रावधानों के खिलाफ बताते हुए दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जालंधर के डीसी व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
याचिका दाखिल करते हुए विधायक सुखविंदर कोटली ने बताया कि भोगपुर शुगर मिल की जमीन पर यह बायो सीएनजी प्लांट बनाए जाने की जुलाई 2024 में मंजूरी दी गई थी। इस प्लांट के बनने से यहां प्रदूषण बढ़ेगा और पर्यावरण को खतरा हो जाएगा। ये प्लांट आबादी से महज 100 मीटर की दूरी पर लगाया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में रहने वाले स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा प्रभाव पड़ेगा। गांव वाले इसके खिलाफ लगातार प्रदर्शन भी कर रहे हैं, बावजूद इसके सरकार अपनी जिद पर अड़ी है। लिहाजा इस प्लांट को यहां से दूर कहीं ओर शिफ्ट किए जाने की हाईकोर्ट से मांग की गई है।
याची ने बताया कि नियम के अनुसार आबादी के 300 मीटर के क्षेत्र में इस प्रकार का प्लांट नहीं लगाया जा सकता है, बावजूद इसके केवल 100 मीटर की दूरी पर इसे लगाने की अनुमति दे दी गई है। मुख्य न्यायाधीश शील नागू पर आधारित खंडपीठ ने याची पक्ष को सुनने के बाद याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
एफआईआर में इनके नाम भी
पुलिस की तरफ से दर्ज किए गए मामले में कांग्रेस विधायक के अलावा राज कुमार राजा, अश्वन भल्ला, विशाल बहल, चरनजीत सिंह, गुरदीप सिंह, लवदीप सिंह उर्फ लकी, अमृतपाल सिंह, राकेश कुमार बग्गा, शीतल सिंह, सूबेदार सरजीत सिंह, राहुल, मनजीत सिंह, मोनू, सुनील खोसला, दीपक मुल्तानी, अरविंदर सिंह झमट, नरिंदर कुमार उर्फ निंदी, अमित अरोड़ा, फौजी, रणजीत सिंह, जतिंदर सिंह अन्य 150 अज्ञात को नामजद किया गया है।