बरजिंदर सिंह हुसैनपुर ने 1 फरवरी, 2022 को बसपा उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। उनसे पहले मौजूदा विधायक डॉ. नछत्तर पाल ने भी बसपा से ही नामांकन भर दिया था।
नवांशहर विधानसभा क्षेत्र चुनाव को चुनौती देने वाली बरजिंदर सिंह हुसैनपुर की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो कुमारी मायावती को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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याची ने बताया कि उसने 1 फरवरी, 2022 को रिटर्निंग ऑफिसर नवांशहर के पास बसपा उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। नामांकन पत्र स्वीकार कर लिया गया था। उनसे पहले मौजूदा विधायक डॉ. नछत्तर पाल ने भी बसपा से ही अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। नियमों के अनुसार यदि एक पार्टी से दो उम्मीदवारों को टिकट मिलती हैं, तो दूसरे टिकट वाले उम्मीदवार का नामांकन पत्र स्वीकृत किया जा सकता है और पहले उम्मीदवार का टिकट अपने आप रद्द माना जाता है।
बहुजन समाज पार्टी ने अपनी पार्टी में विद्रोह के चलते हुसैनपुर पर नामांकन वापसी का दबाव बनाया था। इन्कार करने पर उसी शाम उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला भी दर्ज करवा दिया गया था। अदालत ने दर्ज किए गए मामले से न केवल उन्हें बरी किया गया, बल्कि इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे।
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चुनाव में डॉ. नछत्तर पाल की जीत हो गई थी। याची ने उनके नामांकन पत्रों में खामियों, चुनाव अमले के पक्षपातपूर्ण रवैये और पुलिस की धक्केशाही के आधार पर इस जीत को एडवोकेट राजविंदर सिंह बैंस, हरिंदरपाल सिंह ईशर और परमिंदर सिंह विग के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याची ने कहा कि उन पर दर्ज मामला उन्हें बदनाम करने और उनका राजनीतिक करियर खत्म करने की कोशिश थी। याची पर जब मामला दर्ज हुआ था, तब बसपा के नेता लिखित रूप में यह मान चुके थे कि उन्होंने गलती से याची के खिलाफ शिकायत की थी। शहीद भगत सिंह नगर जिले की पुलिस ने कुमारी मायावती को जांच में शामिल करने की कोशिश की थी।