हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत रद्द करना एक गंभीर कदम है। हालांकि, अदालत ने कथित धमकियों और सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड करने को नजरअंदाज नहीं किया। अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आरोपी के व्यवहार को असामान्य पाया।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हत्या के एक आरोपी की नियमित जमानत रद्द कर दी है। आरोपी पर जमानत पर बाहर आने के बाद शिकायतकर्ता और उसके परिवार को धमकाने का आरोप है। अदालत ने कहा कि आरोपी को बाहर रहने की अनुमति देना उचित नहीं है, जिससे कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
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न्यायमूर्ति विक्रम अग्रवाल की पीठ ने यह फैसला सुनाया। आरोपी को 28 जनवरी को नियमित जमानत मिली थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जेल से बाहर आते ही आरोपी ने उसे और उसके परिवार को धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी के इंस्टाग्राम और फेसबुक खातों से धमकी भरे संदेश भेजे गए। एक संदेश में कथित तौर पर लिखा गया ''बैंड बजा दूंगा इसके चक्कर में तो सबकी।''
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने उसकी बहन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड कीं। इसके बाद 17 मार्च को एक नई प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
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जमानत रद्द करने के मुख्य कारण
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत रद्द करना एक गंभीर कदम है। हालांकि, अदालत ने कथित धमकियों और सोशल मीडिया पर तस्वीरें अपलोड करने को नजरअंदाज नहीं किया। अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आरोपी के व्यवहार को असामान्य पाया।
कैथल का मामला
यह मामला हरियाणा के कैथल का है। जून 2023 में पड़ोसियों के बीच विवाद हुआ था। इस दौरान सिर पर चोट लगने से एक घरेलू सहायक की मौत हो गई थी। आरोपी इस हत्या के आरोप में जेल में बंद था। हाईकोर्ट ने मामले के समग्र तथ्यों को देखते हुए 28 जनवरी को मंजूर की गई जमानत रद्द कर दी। हरियाणा सरकार को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।