पंजाब-हरियाणा जल विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हरियाणा ने बीबीएमबी चेयरमैन से आगामी 21 मई से शुरू हो रहे नए सर्कल में भाखड़ से 10,300 क्यूसेक पानी देने की मांग रख दी है। बीबीएमबी चेयरमैन मनोज त्रिपाठी के सामने हरियाणा के अफसरों ने जैसे ही नए सर्कल में अपने तय कोटा से बढ़कर पानी की मांग रखी, इसका पंजाब ने पुरजोर तरीके से विरोध किया।
बैठक में शामिल पंजाब सरकार के सचिव कृष्ण कुमार और चीफ इंजीनियर शेर सिंह ने बीबीएमबी चेयरमैन को हरियाणा सरकार द्वारा दिए गए पत्र जिसमें 9,525 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी गई थी, इस पत्र को पेश किया। बता दें 21 मई से शुरू हो रहे नए सर्कल में पानी के बंटवारे को लेकर वीरवार को सेक्टर-19 स्थित बीबीएमबी मुख्यालय में तकनीकी कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) के चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने की, जिसमें पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल के चीफ इंजीनियर व अन्य नुमाइंदे मौजूद रहे।
हरियाणा के नए सर्कल में पानी बढ़ाकर देने की रखी मांग पर पंजाब के अफसरों ने चेयरमैन से कहा कि हरियाणा अपने पानी के तय कोटा 9,525 क्यूसेक से 1400 क्यूसेक बढ़ाकर कुल 10,300 क्यूसेक पानी की मांग नहीं कर सकता। पंजाब के अफसरों ने चेयरमैन के समक्ष इसका तकनीकी तौर पर भी तर्क पेश किया, उन्होंने बताया कि भाखड़ मेन लाइन की कुल क्षमता 11,700 क्यूसेक की है। अगर हरियाणा को 10,300 क्यूसेक पानी दे दिया गया तो पंजाब प्यासा रह जाएगा। भाखड़ा मेन लाइन से पंजाब को 3 हजार क्यूसेक पानी का हिस्सा है। अफसरों ने कहा कि अगर हरियाणा को भाखड़ा मेन लाइन से बढ़ाकर 10,300 क्यूसेक पानी दिया जाता है तो इससे पंजाब के 3 हजार क्यूसेक के हिस्से में से केवल 1600 क्यूसेक पानी ही मिल पाएगा, जोकि सीधे तौर पर पंजाब के हिस्से के पानी के हितों की अवहेलना है। इससे पहले राजस्थान ने बैठक में भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पंजाब द्वारा 500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी देने पर धन्यवाद व्यक्त किया।
फिर विवाद बढ़ता देख चेयरमैन बोले- मैं देखता हूं इस मसले को
बैठक में मौजूद अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जैसे ही बैठक में पंजाब-हरियाणा के बीच पानी के बंटवारे लेकर एक बार फिर माहौल गरमाने लगा, तभी चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने बीच में हस्ताक्षेप कर दोनों राज्यों के अफसरों को शांत कराया। चेयरमैन मनोज त्रिपाठी ने कहा कि वह इस मसले को खुद देखेंगे। चेयरमैन ने हरियाणा सरकार की ओर से बीबीएमबी के समक्ष नए सर्कल में बढ़ाकर 10,300 क्यूसेक पानी दिए जाने को प्रस्ताव की कॉपी ले ली, साथ ही पंजाब की ओर से पेश किए पत्र को भी ऑन रिकॉर्ड रख लिया है। चेयरमैन ने कहा कि वह इस पर विचार कर दोनों पक्षों की सहमति से 21 मई से पहले फैसले लेंगे।
पंजाब ने चेयरमैन से कहा हरियाणा को देना होगा 4000 क्यूसेक पानी
उधर पंजाब के जल स्रोत मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बीबीएमबी की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि पंजाब ने हरियाणा को पीने के लिए 4 अप्रैल से दिए अतिरिक्त 4 हजार क्यूसेक पानी की मांग रख दी है। मंत्री ने बताया कि पंजाब के अफसरों ने बीबीएमबी चेयरमैन से यह कहा है कि पंजाब ने अपने हिस्से में से हरियाणा को पीने के लिए अतिरिक्त पानी दिया है, 21 मई से शुरू हो रहे नए सर्कल में जब भी पंजाब को पानी की जरूरत होगी, तो बीबीएमबी हरियाणा के पानी के हिस्से में से यह उपलब्ध कराएगा। बता दें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दोनों राज्यों के बीच चल रहे विवाद पर 20 मई को सुनवाई होगी।