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पंजाब में बदला ट्रेंड: सिलाई-कढ़ाई के पारंपरिक कोर्स छोड़ा, अब डीजल मैकेनिक और इलेक्ट्रिशियन बन रहीं बेटियां

Thu, 06 Feb 2025 11:32 AM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग 137 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में वर्ष 2025-26 शैक्षणिक सत्र से एक हजार सीटों के साथ डीजल मैकेनिक व इलेक्ट्रिशियन से संबंधित नए कोर्स शुरू करने जा रहा है। पंजाब सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है।
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car mechanic - फोटो : istock
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विस्तार
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पंजाब की बेटियां अब सिर्फ सिलाई तकनीक व ड्रेस मेकिंग जैसे कोर्स तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे लड़कों की तरह अब इंजीनियरिंग ट्रेड के कोर्सों में दिलचस्पी दिखा रही हैं और बड़ी कंपनियों में डीजल मैकेनिक व इलेक्ट्रिशियन बन रही हैं। मल्टी नेशनल कंपनियां भी इन ट्रेड में नौकरी के लिए लड़कियों को प्राथमिकता दे रही हैं। 

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यही कारण है कि तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग 137 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में वर्ष 2025-26 शैक्षणिक सत्र से एक हजार सीटों के साथ डीजल मैकेनिक व इलेक्ट्रिशियन से संबंधित नए कोर्स शुरू करने जा रहा है। पंजाब सरकार ने इसे हरी झंडी दे दी है।

लैंगिक समानता व महिला सशक्तीकरण के लिए अहम 

इससे पहले वर्ष 2024-25 शैक्षणिक सत्र में विभाग ने मोहाली और कपूरथला आईटीआई में ये कोर्स शुरू किए थे, जिसके लिए विभाग को काफी अच्छा रिस्पांस मिला था। इन दोनों आईटीआई में डीजल मैकेनिक और इलेक्ट्रिशियन कोर्स की 100 प्रतिशत सीटें फुल रही थीं। इसके बाद ही विभाग ने अपने सभी आईटीआई में इन कोर्स को शुरू करने का फैसला लिया था। विभाग के अनुसार लैंगिक समानता व महिला सशक्तीकरण के लिए भी यह अहम है।

इससे पहले विभाग लड़कों के लिए ही इस तरह के कोर्स चलाता था। विभाग ने आईटीसी लिमिटेड के सहयोग से कपूरथला में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह कोर्स शुरू किया था, जबकि मोहाली आईटीआई में स्वराज लिमिटेड के सहयोग से यह कोर्स शुरू किया गया। विभाग डाइकिन एयर कंडीशनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, आईटीसी लिमिटेड, सीमेंस फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ भी काम कर रहा है, ताकि इंजीनियरिंग ट्रेड में नए कोर्स शुरू किए जा सकें। इससे आईटीआई में कंपनियों की जरूरत मुताबिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान किया जा सकेगा। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर ट्रेनिंग मिल सकेगी। उनकी इंटर्नशिप और प्लेसमेंट में भी कंपनियों की मदद मिल सकेगी।
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कंपनियों आईटीआई में बना रहीं लैब 

अब तक कंपनियों ने विभिन्न आईटीआई में आरएंडसी लैब, मल्टी स्किल बेसिक ट्रेनिंग लैब, इलेक्ट्रिशियन वर्कशॉप, आधुनिक इक्युपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग लैब और इलेक्ट्रिकल लैब तैयार की हैं, ताकि पहले से ही कंपनियों की जरूरतों के मुताबिक विद्यार्थियों को तैयार किए जा सके। प्रदेश की आईटीआई में फिलहाल 35,201 सीटें हैं। वर्ष 2024-25 के शैक्षणिक सत्र में कुल 32,827 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। इनमें 21,731 लड़के और 11,096 लड़कियां थी। इस तरह दाखिला प्रतिशत 93.25 रहा था।

ये नए कोर्स किए गए शुरू 

विभाग ने पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान कई नए कोर्स शुरू किए थे, जिसमें डीजल मैकेनिक व इलेक्ट्रिशियन के अलावा ड्रोन टेक्नीशियन, इंडस्ट्रियल रॉबिटक्स एंड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन, मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, मल्टीमीडिया एनिमेशन एंड स्पेशल इफेक्ट, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग 3डी प्रिंटिंग, एडवांस सीएनसी मशीन, बेकर या कन्फेक्शनर, बसोहली पेंटिंग आर्टिस्ट, मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट टेक्नीशियन आदि कोर्स शामिल हैं। विभाग अब जब सीटें बढ़ाने जा रहा है, तो अगले शैक्षणिक सत्र से महिलाओं के लिए और नए कोर्स शामिल करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा मल्टी नेशनल कंपनियों के साथ आगे भी टाईअप करने की तैयारी की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट के बेहतर अवसर प्रदान की जाए सकें।
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