कपूरथला में फ्रांस के राजदूत थिएरी मैथो और उनकी पत्नी।
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इन इमारतों के ऐतिहासिक पहलू के बारे में लेखिका मिस सिंथिया मैरा फ्रेडरिक व एडवोकेट अमरजोत सिंह ने विस्तार से बताया। एडवोकेट अमरजोत सिंह ने कहा कि महाराजा जगतजीत सिंह न केवल फ्रेंच भाषा के ज्ञाता थे, बल्कि उन्होंने फ्रांस की वास्तुकला व शैली को कपूरथला की आत्मा में बसाया। उनका यह योगदान आज भी जगतजीत पैलेस और मौरिश मस्जिद जैसे स्थापत्य चमत्कारों में जीवित है।
महाराजा जगतजीत सिंह के पोते ब्रिगेडियर सुखजीत सिंह (सेवानिवृत्त) से मुलाकात।
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राजदूत की यह यात्रा न केवल इतिहास की एक सुंदर पुनरावृत्ति है, बल्कि सरकार को यह सौम्य संदेश भी देती है कि इन धरोहरों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। केवल प्रशंसा पर्याप्त नहीं, बल्कि इन स्थलों की देखभाल और सुरक्षा से ही कपूरथला की ऐतिहासिक गरिमा जीवित रह सकती है। सैनिक स्कूल पहुंचने पर प्रिंसिपल ग्रुप कैप्टन मधु सेंगर, एडीसी-जनरल नवनीत कौर बल, एसडीएम कपूरथला इरविन कौर, एसपी-एच गुरप्रीत सिंह और डीएसपी सब-डिवीजन दीपकरण सिंह ने भव्य स्वागत किया।