पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2021 में कांग्रेस छोड़ दी थी। वे भाजपा में शामिल हो गए थे। अब उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर अपनी राय दी है। चुनावी माहौल में उनके बयान के कई सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कांग्रेस में लौटने की संभावना से साफ इन्कार किया है।
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वहीं उन्होंने ये भी साफ किया कि भाजपा में रहकर उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ है और वह खुद को मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर मानते हैं।
कैप्टन अमरिंदर का यह बयान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह 2021 में नवजोत सिद्धू से विवादों के चलते कांग्रेस से अलग हो गए थे। उनके बाद चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया था। कांग्रेस छोड़ने के बाद उन्होंने अपनी एक नई पार्टी बनाई थी। बाद में उन्होंने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया था।
अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनकी कांग्रेस में जाने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, भाजपा में अपने भविष्य को लेकर उन्होंने निराशा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भाजपा में उन्हें कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं मिली है।
अमरिंदर सिंह ने खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर बताया है। उन्होंने कांग्रेस में वापसी की अटकलों को भी सिरे से खारिज कर दिया है। यह बयान आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर सकता है।