सावन के पहले सोमवार पर आज पूरा शहर शिवमय हो गया है। तड़के से ही प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गई। हर-हर महादेव के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे। शहर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और प्रसाद वितरण की तैयारियां हैं।
सेक्टर-40 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित भगवती प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि सावन के पहले सोमवार का यह शुभ संयोग शिव भक्तों के लिए अत्यंत मंगलकारी है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का जल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, फल और पुष्प से अभिषेक करने तथा पूरे परिवार के साथ विधि-विधान से पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। उनका कहना है कि सावन के प्रत्येक सोमवार रुद्राभिषेक करने से दुख-दर्द दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
देवालय पूजक परिषद, चंडीगढ़ के अध्यक्ष डॉ. लाल बहादुर दुबे ने कहा कि सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल अर्पित करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने बताया कि बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प और चंदन अर्पित करना विशेष फलदायी माना गया है।
सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी पंडित श्यामसुंदर शास्त्री ने कहा कि सावन का प्रत्येक सोमवार आध्यात्मिक साधना और शिवभक्ति का प्रतीक है। इस दिन ओम् नमः शिवाय मंत्र का जाप, शिव चालीसा का पाठ और रुद्राभिषेक करने से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक बल की प्राप्ति होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से मंदिरों में धार्मिक मर्यादा, स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने की अपील भी की।
सेक्टर-20 के गुग्गा माड़ी श्री हनुमान मंदिर के प्रमुख पंडित किशोरी लाल ने रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र के जाप का विशेष महत्व बताया। वहीं हिंदू पर्व महासभा, चंडीगढ़ के प्रधान बीपी अरोड़ा ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए खीर और मालपुए का लंगर भी लगाया जाएगा।