पंजाब में जून माह के दौरान सामान्य से कम बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस वर्ष जून में पिछले साल के मुकाबले 59.42 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
किसानों के सामने इस बार दोहरी चुनौती है। धान की रोपाई के दौरान सरकार की ओर से आठ घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान है ताकि ट्यूबवेलों से सिंचाई हो सके। लेकिन बढ़ती बिजली मांग के कारण कई जिलों में किसानों को केवल चार घंटे ही बिजली मिलने की शिकायत है। इससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। प्रदेश में बिजली की मांग इस बार रिकॉर्ड 16,844 मेगावाट तक पहुंच गई है।
इस बार प्रदेश में औसत से कम बारिश हुई है जिससे फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। धान की रोपाई के समय पर्याप्त पानी जरूरी होता है। पानी की कमी से फसलों में कई तरह की बीमारियां बढ़ सकती हैं। इसी तरह मक्का और मूंग की फसल भी भीषण गर्मी और सूखे का ज्यादा असर नहीं झेल पाती। - हर्ष नैयर, प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय