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फिर चंडीगढ़ कूच करेंगे किसान: मांगें पूरी ना होने से रोष, इस दिन लगाएंगे पक्का मोर्चा; किया एलान

Sat, 17 Oct 2026 06:46 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

किसान मजदूर मोर्चा ने किसानों और मजदूरों का कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई है। मोर्चे के अनुसार, आर्थिक दबाव से राहत देने के लिए सरकार को कर्ज माफी के मुद्दे पर ठोस फैसला लेना चाहिए।
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चंडीगढ़ में फिर लगेगा किसान मोर्चा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब सरकार की ओर से अक्टूबर तक मांगें पूरी करने के वादे पर अमल नहीं किए जाने के आरोप लगाते हुए किसान मजदूर मोर्चा ने सात दिसंबर 2026 को चंडीगढ़ में पक्का मोर्चा लगाने का एलान किया है। मोर्चे ने सरकार को चेतावनी दी है कि किसानों और मजदूरों की मांगों का समय रहते निपटारा किया जाए, अन्यथा किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के काफिलों के साथ चंडीगढ़ पहुंचकर पक्का मोर्चा लगाएंगे।

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किसान मजदूर मोर्चा ने कहा कि किसानों और मजदूरों से जुड़े कई अहम मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। सरकार को इनका समाधान करना चाहिए। मोर्चे की प्रमुख मांगों में पांच फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी, स्वामीनाथन आयोग के फॉर्मूले के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), किसानों और मजदूरों का कर्ज माफ करना तथा संशोधित लैंड पूलिंग नीति वापस लेना शामिल है।

पांच फसलों की खरीद की गारंटी की मांग
मोर्चे ने बासमती, मूंग, मक्की, सरसों और आलू सहित पांच फसलों की मंडियों में सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। मोर्चे का कहना है कि पंजाब सरकार 23 फसलों की खरीद की गारंटी देने का वादा करके सत्ता में आई थी। ऐसे में सरकार को अपने वादे के अनुसार फसलों की खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो और उन्हें उचित दाम मिल सके।

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किसानों-मजदूरों का कर्ज माफ करने की मांग
किसान मजदूर मोर्चा ने किसानों और मजदूरों का कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई है। मोर्चे के अनुसार, आर्थिक दबाव से राहत देने के लिए सरकार को कर्ज माफी के मुद्दे पर ठोस फैसला लेना चाहिए।
इसके अलावा पंजाब सरकार की संशोधित लैंड पूलिंग नीति को तुरंत वापस लेने की मांग की गई है। मोर्चे ने इस नीति को लेकर अपनी आपत्ति जताते हुए सरकार से इसे रद्द करने की अपील की है।

पानी के मुद्दे पर रिपेरियन सिद्धांत लागू करने की मांग
मोर्चे ने पंजाब के पानी से जुड़े मुद्दे का समाधान रिपेरियन सिद्धांत के आधार पर करने की मांग की है। साथ ही संविधान की धाराओं 78, 79 और 80 को रद्द करने और पंजाब को उसके पानी के अधिकार देने की मांग उठाई है। 

किसानों के खिलाफ दर्ज केस वापस लेने की मांग
किसान मजदूर मोर्चा ने पराली जलाने के मामलों सहित किसानों और किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज सभी केस वापस लेने की मांग की है। इसके साथ ही शंभू और खनौरी मोर्चों से जुड़े मामलों का पूर्ण निपटारा करने की भी मांग की गई है। मोर्चे ने पंजाब सरकार से अपील की है कि वह किसानों और मजदूरों के मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए 7 दिसंबर को प्रस्तावित पक्के मोर्चे से पहले मांगों पर उचित कार्रवाई करे।
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