सारागढ़ी मेमोरियल स्कूल ऑफ एमिनेंस की 11वीं कक्षा की छात्रा ने बुधवार को अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा की मौत की जानकारी मिलने के बाद बुधवार को स्कूल की छात्राओं और परिजनों में रोष फैल गया। गुस्साई छात्राओं और परिवार वालों ने स्कूल परिसर के बाहर प्रदर्शन कर शिक्षिकाओं और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे परिजनों का आरोप है कि स्कूल की दो महिला शिक्षिकाएं छात्राओं को मानसिक रूप से परेशान करती थीं और उनके चरित्र को लेकर अभद्र टिप्पणियां की जाती थीं। मृतका की बहन ने आरोप लगाया कि इन शिक्षिकाओं के व्यवहार से उसकी बहन और उसकी सहेलियां परेशान थीं। परिजनों के अनुसार, छात्रा को एनसीसी से भी हटा दिया गया था और छात्रा को एक महीने के लिए स्कूल से निकालने की धमकी दी गई थी।
मृतका की सहेली ने बताया कि शिक्षिकाओं की अपमानजनक बातों से वह आहत हो गई थी। मृतका पंजाब पुलिस में अधिकारी बनना चाहती थी। छात्राओं और परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से मामले में जिम्मेदार शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक शिक्षिकाओं और प्रिंसिपल के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता, प्रदर्शन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर मुख्य सड़क जाम करने की भी बात कही।
मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी नवदीप सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने परिजनों और गवाहों के बयान दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। प्रिंसिपल से भी बातचीत की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।