भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालातों के बीच पठानकोट में रविवार सुबह धमाके हुए हैं। रणजीत सागर डैम के पास शाहपुरकंडी की तरफ रविवार सुबह 10.40 मिनट पर दो जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई। इस घटना से आसपास के एरिया में हड़कंप मच गया। इससे पहले शनिवार रात को इसी क्षेत्र में चार ड्रोन भी देखे गए थे।
इससे पहले शनिवार सुबह 11:20 बजे पाकिस्तान ने पठानकोट एयरबेस मिनी एयरक्राफ्ट (यूएवी) से हमला किया था। हालांकि मिनी एयरक्राफ्ट साथ लगते हिमाचल प्रदेश के डमटाल क्षेत्र में जा गिरा। जैसे ही यूएवी से धमाका हुआ तो इससे एक युवती घायल हो गई। जबकि दो मवेशियों की मौत हो गई है। एयरक्राफ्ट के साथ फिस्फोक्ट सामग्री भी थी। धमाका इतना जबरदस्त था कि हिमाचल के साथ पठानकोट भी दहल उठा। धमाके वाली जगह के आसपास लोगों के घर घरों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे हमले सुबह 4:20 से शुरू हुए और 12 बजे तक चलते रहे। सूत्रों के अनुसार पठानकोट एयरबेस को भी मामूली नुकसान पहुंचा है। भारी संख्या में सुरक्षा एजेंसियां गांव डमटाल पहुंच मामले की जांच में जुट चुकी है और एयरक्राफ्ट के मलबे को जब्त कर लिया है।
शनिवार सुबह पठानकोट एयरबेस की तरफ पाकिस्तान ने ड्रोन व मिसाइलें दागीं। हालांकि, भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए एस-400 से मिसाइल व ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। वहीं, गुरदासपुर के काहनूवान के गांव राजू बेला में मिसाइल गिरने से दहशत बढ़ गई है। पाकिस्तान का एक ड्रोन ध्वस्त होकर पठानकोट के साथ लगते गांव माजरा के खेतों में जा गिरा। पड़ोसी देश तीन बार पठानकोट एयरबेस स्टेशन को अपना निशाना बना चुका है, लेकिन एयरबेस पूरी तरह सुरक्षित है। दिन में हुए पाकिस्तान की तरफ से हमलों को देखने लोग अपनी घरों की छतों पर चढ़ गए थे। सेना की जवाबी कार्रवाई को लोग घरों में देखने लगे। जिले में आज भी ब्लैकआउट जारी रहेगा।
पठानकोट में रेड अलर्ट जारी
हमलों के बाद पठानकोट में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया। जिला प्रशासन की तरफ से तुरंत पठानकोट के सभी बाजार बंद करवा दिए और लोगों को अपने घरों में रहने को कहा गया। दुकानों और घरों पर मिसाइल के टुकड़े गिरने से लोगों में थोड़ा डर बढ़ा लेकिन उन्हें अपनी सरकार और सेना पर पूरा भरोसा है। चाहे जो हो जाए, हम अपने देश की सेना के साथ हैं। ढांगू रोड निवासी व्यापारी राजेश शर्मा उर्फ सेठी ने बताया कि हम प्रशासन के साथ है और इससे रोजगार जरूर प्रभावित हो रहा है लेकिन, देश के लिए वे भी अपना फर्ज जरूर निभाएंगे। जैसे भी प्रशासन जनता से सहयोग मांगेगा उसका जरूर पालन करेंगे।
दहशत में गुजरी रात
इससे पहले शुक्रवार रात आठ बजे पठानकोट में जब लोग रात के खाने की तैयारी कर रहे थे, तो अचानक धमाकों की आवाज से दहशत फैल गई। धमाके शुरू होते ही ब्लैकआउट हो गया। जो जहां था, वहीं रुक गया। लोगों ने स्याह अंधेरे में अपने काम निपटाए और बिस्तरों में दुबक गए, लेकिन नींद आंखों से दूर थी, क्योंकि धमाकों की आवाज सोने नहीं दे रही थी। रात भर दहशत में गुजरी। सुबह दिन निकलने से उम्मीद जगी कि शायद अब पाकिस्तान की तरफ से कोई हमला नहीं होगा, लेकिन ये उम्मीद भी टूट गई।