पठानकोट में दुकानों और घरों पर मिसाइल के टुकड़े गिरने से लोगों में दहशत फैल गई थी। रेड अलर्ट जारी कर दिया गया था। जिला प्रशासन की तरफ से तुरंत सभी बाजार बंद करवा दिए गए थे। लोगों को घरों में रहने के निर्देश दिए गए थे।
पठानकोट में लोग रात के खाने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक धमाके शुरू हो गए। इससे लोगों में दहशत फैल गई। धमाके शुरू होते ही ब्लैक आउट हो गया। जो जहां था, वहीं रुक गया। जो लोग सोने की तैयारी में थे, उनकी आंखों से नींद उड़ चुकी थी।
विज्ञापन
पूरी रात चिंता में गुजरी। यह कहना है पठानकोट के राजेश शर्मा उर्फ सेठी का। दिन निकलने के साथ लगा कि अब पाकिस्तान की ओर से कोई हरकत नहीं होगी। लोग घरों से बाहर निकलने लगे, तभी फिर धमाके शुरू हो गए।
दहशत के उन लम्हों को बयां करते हुए सेठी ने कहा कि मेरी मां, पत्नी और बच्चे सभी सहमे हुए थे। ईश्वर का नाम लेते हुए पूरी रात न जाने कैसे गुजरी। दुकानदार नवतेज कहते हैं कि 18 घंटे से ज्यादा बीतने के बाद भी कानों में धमाकों की आवाज गूंज रही है।
विज्ञापन
रिटायर्ड सूबेदार महेश शर्मा कहते हैं कि पाकिस्तान ने पठानकोट एयरबेस की ओर ड्रोन व मिसाइलें दागीं। हालांकि, सेना ने करारा जवाब देते हुए वायु रक्षा प्रणाली एस-400 से मिसाइल व ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।
जिस तरीके से पाकिस्तान ने करीब 12 घंटे में 100 से ज्यादा मिसाइल पठानकोट की ओर छोड़ीं, उससे लोगों में भय बढ़ गया। हमने उनकी मिसाइलों को नष्ट कर दिया, लेकिन कई मिसाइलों ने नुकसान भी पहुंचाया।
रेड अलर्ट के बाद बाजार बंद
पठानकोट में दुकानों और घरों पर मिसाइल के टुकड़े गिरने से लोगों में दहशत फैल गई थी। रेड अलर्ट जारी कर दिया गया था। जिला प्रशासन की तरफ से तुरंत सभी बाजार बंद करवा दिए गए थे। लोगों को घरों में रहने के निर्देश दिए गए थे।
ढांगू रोड निवासी व्यापारी राजेश शर्मा उर्फ सेठी ने कहा कि डर बढ़ गया था। हमलों से रोजगार जरूर प्रभावित हो रहा था। हालांकि प्रशासन हमसे जो भी सहयोग मांगेगा, उसका जरूर पालन करेंगे। स्थानीय निवासी और एक एनजीओ संचालिका रूपा शर्मा ने कहा था कि, हालात खराब हो गए थे, लेकिन युद्धविराम की घोषणा से राहत मिली है।
गुरदासपुर सायरन बजते ही सड़कों पर पसरा सन्नाटा
गुरदासपुर के ब्लॉक काहनूवान के गांव राजू बेला में धमाके के साथ खेतों में मिसाइल गिरा। धमाका इतना जबरदस्त था कि जिस जगह पर मिसाइल गिरी, वहां पर 40 फीट लंबा और 15 फीट चौड़ा गड्ढा हो गया। आवाज सुनकर गांव वाले इकट्ठे हो गए। गांव के सरदार रुपिंदर सिंह कहते हैं कि सुबह करीब साढ़े दस बजे प्रशासन ने लोगों को सचेत करने के लिए देर तक सायरन बजाया गया।
इसके बाद बाजार बंद करवा दिए गए। सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। वहीं, बटाला के पास गांव शहाबपुरा में एक किसान के खेत में मिसाइल जैसा हिस्सा मिलने से दहशत है। लोगों का कहना है कि अगर स्थिति खराब हुई, तो वे गांव छोड़ सकते हैं।
पठानकोट से सूरज प्रकाश, बटाला के शहाबपुरा से आर. रघुवंशी, गुरदासपुर के गांव राजू बेला से मनन सैनी की रिपोर्ट