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पंजाब बजट से उम्मीदें: मालवा के साथ माझा व दोआबा में खुले अतिरिक्त कैंसर डे-केयर सेंटर, स्वास्थ्य बजट बढ़े

Wed, 19 Mar 2025 12:20 PM IST
निवेदिता वर्मा राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिल सरीन ने कहा कि बुनियादी ढांचे के बजट को डबल किया जाना चाहिए। सभी जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की जरुरत है, जिनमें मॉर्डन ऑपरेशन थिएटर बनाए जाने चाहिए।
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सीएम भगवंत मान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब सरकार की तरफ से 26 मार्च को वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया जाएगा। प्रदेश में जिस तरह से कैंसर का खतरा बढ़ता जा रहा है, उसे देखते हुए मालवा के साथ माझा व दोआबा में भी अतिरिक्क्त कैंसर डे-केयर सेंटर खोलने की मांग की जा रही है। 

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इसके साथ ही राज्य में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भी बजट में बढ़ोत्तरी जरुरी है। बजट में सरकार का जोर आम आदमी क्लीनिकों की संख्या व नशा छुड़ाओ अभियान को आगे बढ़ाने पर रहेगा।

प्रदेश में फिलहाल कैंसर डे-केयर सेंटरों की संख्या कम है। डे-केयर सेंटरों पर एक ही रेडिएशन मशीन होने के चलते मरीजों को थेरेपी के लिए कई बार काफी दिन इंतजार करना पड़ता है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में पिछले 10 साल में ब्रेस्ट कैंसर की 25.8 और सर्वाइकल कैंसर की मृत्यु दर में 26.26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। 
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कैंसर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं और समय पर इलाज के लिए बजट में यह प्रावधान की मांग की जा रही है। इसी तरह स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बजट बढ़ाने की भी मांग की जा रही है।

सभी जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की जरूरत

पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिल सरीन ने कहा कि बुनियादी ढांचे के बजट को डबल किया जाना चाहिए। सभी जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की जरुरत है, जिनमें मॉर्डन ऑपरेशन थिएटर बनाए जाने चाहिए। साथ ही प्रदेश में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के लिए वॉक इन इंटरव्यू रखी जाए, ताकि सभी खाली पड़े पद भरे जा सके। सरकार ने डॉक्टरों के 1390 सृजित किए हैं, जिन पर नियमित रूप से भर्ती निकाली जाए। अस्पताल मैनपॉवर की कमी से जूझ रहे है, जिसे शीघ्र दूर करने की जरूरत है। बजट में इस संबंध में विशेष प्रावधान करने चाहिए। साथ ही कैंसर डे केयर सेंटरों की संख्या भी बढ़ाई जानी चाहिए।

पिछले साल पंजाब के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में 5264 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। साथ ही शहरी बुनियादी ढांचे के लिए 150 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। अगर सरकार बुनियादी ढांचे में इन सभी बातों को शामिल करेगी तो इसके लिए बजट में तीन गुना बढ़ोत्तरी करनी होगी।

आम आदमी क्लीनिकों की सुविधा बढ़ाने पर फोकस

राज्य सरकार के बजट में आम आदमी क्लीनिकों की संख्या बढ़ाने पर जोर रहेगा। अब तक 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए जा चुके हैं। इन क्लीनिकों में 80 तरह की दवाएं और 38 डायग्नोस्टिक लैब टेस्ट की सुविधा दी जा रही है। इनमें पुराने स्वास्थ्य केंद्रों को भी अपग्रेड किया गया है, जबकि सरकार नये क्लीनिक स्थापित करने की तैयारी कर रही है। बजट में उसकी घोषणा की जा सकती है। इसी तरह सरकार की तरफ से नशा छुड़ाओ अभियान को आगे बढ़ाने पर भी सरकार का ध्यान है। फिलहाल 306 पुनर्वास केंद्रों के सहारे राज्य में यह अभियान चलाया जा रहा है।

पंजाब में कैंसर की थेरेपी के लिए रेडिएशन मशीनों की कमी है। कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण मरीजों को थेरेपी के लिए कई बार काफी दिन इंतजार करना पड़ता है। -डॉ. सागर राउत, असिस्टेंट प्रोफेसर, पीजीआई सेटलाइट सेंटर, संगरूर।

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