पंजाब सरकार ने बाढ़ और बारिश से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देने का एलान किया है।
कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि जिन किसानों की 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल खराब हुई है, उन्हें गेहूं का बीज मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, अन्य जिलों के किसानों को गेहूं के उन्नत किस्मों के बीज पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 17 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कल घोषणा की थी कि बाढ़ प्रभावित जिलों में गेहूं की बिजाई के लिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला बीज मुफ्त दिया जाएगा। इस योजना की तैयारी पूरी कर ली गई है। राज्य के 2300 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और लगभग पांच लाख एकड़ क्षेत्र में फसलें बुरी तरह नष्ट हुई हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग की ओर से प्रभावित इलाकों में दवाओं और अन्य प्रबंध किए गए हैं। किसानों को जागरूक करने और बीज वितरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पटवारी, पंचायत सचिव और समितियां गांव-गांव जाकर काम करेंगी। बीज वितरण दो हेक्टेयर तक किसानों को मिलेगा और इसमें ठेके पर खेती करने वाले किसान भी शामिल होंगे।
खुड्डियां ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पंजाब को 1000 क्विंटल गेहूं के बीज उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। कृषि विश्वविद्यालयों की सिफारिश के आधार पर बीज वितरित किए जाएंगे।
पराली प्रबंधन पर मंत्री ने कहा कि किसान पराली को जलाना नहीं चाहते। इसके लिए सरकार ने अब तक 1.48 लाख सीआरएम मशीनें उपलब्ध करवाई हैं, जिनमें से 15,000 इस साल मंजूर की गईं और 12,000 किसानों ने पहले ही ले ली हैं। पराली का उपयोग बायो-थर्मल ऊर्जा, पैलेट और चारे के रूप में करने की योजनाएं भी जारी हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पंजाब के किसानों की कठिनाइयों को देखते हुए और फंड जारी किए जाएं, क्योंकि बाढ़ से बिजाई में भी देरी की संभावना है।