पंजाब में बिजली की मांग व खपत लगातार बढ़ रही है। इस संबंध में पंजाब सरकार ने केंद्रीय बिजली मंत्रालय को रिसोर्स एडीक्यूऐंसी प्लान (आरए प्लान) भेजा है।
आंकड़ों के मुताबिक साल 2021-22 में पंजाब में कुल बिजली खपत 62382 मिलियन यूनिट (एमयू) दर्ज की गई, वहीं साल 2022-23 में यह 69513 एमयू रहा, जो 11 प्रतिशत अधिक दर्ज हुआ। वहीं, 2021-22 में बिजली की अधिकतम मांग 13431 मेगावाट और 2022-23 में 14311 मेगावाट दर्ज की गई, जो 6.55 प्रतिशत अधिक रही। साल 2023-24 में बिजली की खपत 70460 एमयू हुई, जो 2022-23 के मुकाबले 1 फीसदी ज्यादा दर्ज की गई। 2023-24 में बिजली की अधिकतम मांग 15325 मेगावाट दर्ज की गई, जो 2022-23 की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक रही।
पंजाब की वर्तमान में सभी स्रोतों से बिजली उत्पादन की स्थापित क्षमता 14896.92 मेगावाट है। इसमें प्रमुख तौर से सरकारी क्षेत्र के रोपड़, लहरा मुहब्बत और गोइंदवाल थर्मल प्लांटों से कुल 2300 मेगावाट, प्राइवेट क्षेत्र के तलवंडी साबो व राजपुरा थर्मल प्लांटों से 3380 मेगावाट, हाइडल से 1015 मेगावाट, सौर रूफ टाप संयंत्रों से 453.81 मेगावाट, सेंट्रल सेक्टर में बीबीएमबी से 1141.10 मेगावाट का शेयर शामिल है।
पंजाब की बढ़ती मांग के हिसाब से उत्पादन न होने के चलते पावरकाॅम को महंगे दामों में हर साल करोड़ों की बिजली बाहर से खरीदनी पड़ती है। साल 2023-24 में पावरकाॅम ने 20,000 करोड़ की बिजली व 2024-25 में 22 हजार करोड़ की बिजली खरीदी। 2025-26 में 30000 करोड़ की बिजली खरीदने का अनुमान है। हालांकि इस बार बारिश ज्यादा होने के चलते पीक सीजन में पावरकाॅम को बाहर से ज्यादा बिजली नहीं लेनी पड़ रही, इससे बिजली खरीद का खर्चा काफी हद तक कम रहने की संभावना है।