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पंजाब विधानसभा चुनाव: सियासी दलों की चुनावी कसरत, सीट-टू-सीट सर्वे कर बना रहे रणनीति

Sun, 13 Sep 2026 09:58 AM IST
शाहिल शर्मा मोहित धुपड़, चंडीगढ़

सार

इस विधानसभा चुनाव में सभी दलों का यही लक्ष्य है कि वे ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर अपनी सरकार बनाएं मगर इससे पहले सभी दल फील्ड में अपनी-अपनी वर्तमान स्थिति का आकलन कर रहे हैं। 
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पंजाब में दलों का सियासी सर्वे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल यह जानना चाहते हैं कि वे किस सीट पर कमजोर हैं और कहां मजबूत। इसके लिए भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल सूबे में सीट-टू-सीट सियासी सर्वे करवा रहे हैं। इस सर्वे के बाद ये दल अपनी चुनावी रणनीति को धार देंगे। पंजाब में कुल 117 हलके हैं और 95 सीटों पर आप का कब्जा है। इस विधानसभा चुनाव में सभी दलों का यही लक्ष्य है कि वे ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर अपनी सरकार बनाएं मगर इससे पहले सभी दल फील्ड में अपनी-अपनी वर्तमान स्थिति का आकलन करना चाहते हैं। लिहाजा विभिन्न एजेंसियों व कार्यकर्ताओं की टीमों के जरिये सियासी सर्वे का काम चल रहा है।

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इसी कड़ी में कांग्रेस पंजाब में दो सर्वे करवा चुकी है, जबकि तीसरे सर्वे की तैयारी है। इसके लिए सर्वे स्ट्रेटजी इंचार्ज की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता की निगरानी में यह सर्वे एक प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से करवाया जाएगा। कांग्रेस के इस सर्वे की निगरानी सीधे आरजी (राहुल गांधी) ऑफिस करेगा। हर सप्ताह रिपोर्ट ली जाएगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के सर्वे के दौरान पूरी टीम पंजाब से बाहर की रहेगी ताकि इस सर्वे को स्थानीय नेताओं द्वारा प्रभावित न किया जा सके। सर्वे के बाद हाईकमान की ओर से एक प्रति पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंप दी जाएगी। इसके बाद टिकट वितरण होगा।
 

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विधायकों, मंत्रियों की रिपोर्ट ले रही आप
इस वक्त पंजाब में 117 में से 95 सीटों पर आम आदमी पार्टी के विधायक काबिज हैं। आप अपने सर्वे के दौरान इन सभी विधायकों व मंत्रियों की फील्ड रिपोर्ट ले रही है। पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सर्वे में यह जाना जा रहा है कि साढ़े चार साल बाद संबंधित विधायक व मंत्री अपने इलाके में कितनी सियासी पकड़ रखता है। उसे कितना पसंद किया जा रहा है और मतदाताओं पर उसका प्रभाव व जुड़ाव कैसा है। उसके बाद ही तय होगा कि संबंधित विधायक को दोबारा मैदान में उतारा जाना है या नहीं। आप के प्रदेशाध्यक्ष अमन अरोड़ा कहते हैं कि पार्टी अभी तक अपने सर्वे में पूरी तरह कंफर्टेबल है और हम दोबारा सरकार बना रहे हैं। उनके अनुसार कई बिंदुओं पर सर्वे चल रहा है और यह पार्टी का आंतरिक मामला है।

पांच आंतरिक सर्वे करवा चुकी भाजपा
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने आंतरिक सर्वे और जमीनी फीडबैक के आधार पर चुनावी रणनीति तैयार कर रही है। सूत्रों के अनुसार भाजपा आलाकमान ने राज्य में पांच आंतरिक सर्वे कराए हैं। इसके आधार पर पार्टी ने माना कि नशाखोरी और कानून-व्यवस्था राज्य का सबसे बड़ा जमीनी मुद्दा है। पार्टी सभी 117 सीटों पर बूथ स्तर की स्थिति, उम्मीदवार की स्वीकार्यता व स्थानीय मुद्दों पर अलग-अलग चरणों में डाटा जुटा रही है। सर्वे से मिले नतीजों के आधार पर ही भाजपा ने पठानकोट, आनंदपुर साहिब, बठिंडा और फाजिल्का से राज्यव्यापी यात्राएं निकालने की योजना बनाई है, ताकि महिला मतदाताओं और प्रभावित ग्रामीण-शहरी वर्गों से सीधा संवाद बनाया जा सके।

शिअद का सर्वे संग सीधा संवाद
शिरोमणि अकाली दल सीटवार संभावित उम्मीदवार की स्थिति, संगठन की मजबूती, स्थानीय मुद्दों और चुनावी समीकरण पर सर्वे करवा रहा है। एक सर्वे पार्टी की विशेष टीम कर रही है, जबकि दूसरा सर्वे निजी एजेंसी से करवाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार शिअद का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों वाली सीटों पर ज्यादा रहेगा। सर्वे के दौरान पार्टी जनता और कैडर की प्रतिक्रिया जुटा रही है। इस कड़ी में सर्कल और जिला स्तरीय बैठकें कर सिख कार्यकर्ताओं, किसान यूनियनों व युवाओं से हर हलके में सीधे संवाद किया जा रहा है।
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