बैराज औसती संघर्ष कमेटी के दो बुजुर्ग 27 दिन से 100 फीट ऊंचे टावर पर डटे हैं। वे यूनियन की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। यह मामला हाईकोर्ट पहुंचने से जिला प्रशासन में हड़कंप है।
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83 वर्षीय कुलविंदर सिंह और 88 वर्षीय शर्म सिंह पठानकोट के गांव सिंघोड़ी में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि यूनियन सदस्यों को नौकरी मिले या फिर गलत तरीके से रखे गए डैम कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाए। यूनियन साल 2010 से इन मांगों के लिए संघर्षरत है। सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन सोमवार को दोनों बुजुर्गों को नीचे उतार सकता है। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। वे बारिश, आंधी-तूफान व तेज धूप से बीमार हो चुके हैं। जिला प्रशासन एनडीआरएफ टीम और रंजीत सागर डैम प्रशासन की मदद लेगा।
हाईकोर्ट में याचिका
भाजपा नेता विपिन महाजन ने 15 दिन से अधिक समय बीतने पर हाईकोर्ट में पीआईएल लगाई थी। उन्होंने जिला प्रशासन अधिकारियों के खिलाफ यह याचिका दायर की थी। कोर्ट ने जांच के बाद आदेश दिए, जिससे प्रशासन सक्रिय हुआ। यूनियन प्रधान दयाल सिंह ने बताया कि बुजुर्गों ने जबरदस्ती उतारने पर जान देने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।