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ED Raid: मेसर्स व्यूनाओ के 11 ठिकानों पर ईडी की रेड, लैंड क्रूजर सहित कई लग्जरी गाड़ियां, नकदी-दस्तावेज जब्त

Tue, 21 Jan 2025 12:24 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

ईडी की जांच में यह सामने आया है कि मेसर्स व्यूनाओ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड ने अन्य समूह संस्थाओं के साथ मिलकर विभिन्न निवेशकों को क्लाउड पार्टिकल बेचने और उन पार्टिकल्स को वापस लीज पर देने (एसएलबी मॉडल) के नाम पर अपना पैसा निवेश करने के लिए पूरा नेटवर्क तैयार किया, जबकि इसके लिए उनके पास कोई पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं था।
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जब्त की गई कार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जालंधर की टीम ने पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र में मेसर्स व्यूनाओ मार्केटिंग सर्विस लिमिटेड के 11 ठिकानों पर रेड की। ईडी ने इस रेड में लैंड क्रूजर, मर्सिडीज सहित कई लग्जरी गाड़ियां, तीन लाख रुपये नकदी, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। ईडी जालंधर की पांच टीमों ने हरियाणा के गुरुग्राम, पंचकूला, जींद, पंजाब के मोहाली और महाराष्ट्र में 11 जगहों पर रेड की।

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अधिकारियों की मानें तो टीमों ने मेसर्स व्यूनाओ इंफ्राटेक लिमिटेड, मेसर्स बिग बाॅय टोआएज, मेसर्स मंदेशी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स प्लैंकडॉट प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स बाइटकैन्वास एलएलपी, मेसर्स स्काइवर्स, मेसर्स स्काइलिंक नेटवर्क और इनसे जुड़ी सिस्टर कंपनियों के कार्यालयों, रिकॉर्ड रूम और इन फर्माें के मैनेजिंग डायरेक्टर व चार्टेड अकाउंटेंट के घरों की भी तलाशी ली गई। ईडी ने यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) पुलिस की ओर से बीएनएस 2023 के तहत दर्ज केस में की।

ईडी की जांच में यह सामने आया है कि मेसर्स व्यूनाओ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड ने अन्य समूह संस्थाओं के साथ मिलकर विभिन्न निवेशकों को क्लाउड पार्टिकल बेचने और उन पार्टिकल्स को वापस लीज पर देने (एसएलबी मॉडल) के नाम पर अपना पैसा निवेश करने के लिए पूरा नेटवर्क तैयार किया, जबकि इसके लिए उनके पास कोई पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं था। आपराधिक गतिविधियों से उत्पन्न अपराध की आय (पीओसी) को मेसर्स वीएमएसएल और समूह की कंपनियों ने लग्जरी गाड़ियों की खरीद, शेल कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपये की धनराशि का लेन-देन और संपत्तियों में निवेश करके मनी लॉन्डि्रंग को बड़े स्तर पर अंजाम दिया।

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ईडी ने बीते नवंबर में की थी रेड

मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जालंधर की टीम ने मेसर्स व्यूनाओ मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड के पंजाब और उत्तर प्रदेश में बीते 26 नवंबर को पांच ठिकानों पर रेड की थी। ईडी की अब तक की जांच में सामने आया है कि मेसर्स व्यूनाओ ने अपनी अन्य फर्माें मेसर्स जीबाइट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स जीबाइट रेंटल प्लैनेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों में निवेशकों के पैसे लगवाए। इस पैसे का कंपनी ने दुरुपयोग कर कई सिस्टर कंपनियों व अन्य फर्मों में ट्रांजेक्शन किया। निवेशकों को क्लाउड पार्टिकल्स बेचने के नाम पर और लीज किए जाने पर भारी रिटर्न देने के एवज में निवेश कराया गया। इससे पहले ईडी ने कंपनी के ठिकानों पर 17 अक्तूबर को भी रेड की थी।

यूपी के साथ किया 13,500 करोड़ का एमओयू

करीब दो साल पहले उत्तर प्रदेश सरकार और व्यूनाओ कंपनी के बीच 13,500 करोड़ रुपये का एमओयू भी साइन हुआ था। कंपनी ने उत्तर प्रदेश के हर जिले में डाटा सेंटर तैयार करने के लिए यूपी सरकार को अपना एक्शन प्लान सौंपा था। इसके तहत उसे 750 डाटा सेंटर तैयार करने थे। व्यूनाओ ने हिमाचल में 600 करोड़ रुपये खर्च कर आईटी स्किल सेंटर खोलने के लिए सरकार के साथ एमओयू किया था। इसके अलावा बिहार सरकार को भी 850 करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने का प्रपोजल दिया था।
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