पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) की ओर से बठिंडा और अमृतसर में जमीन खरीद को लेकर लगे मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। एजेंसी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जांच की स्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की। अदालत ने रिपोर्ट खोलकर नहीं देखी और इसे उचित शपथपत्र के साथ हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल करने का निर्देश दिया।
मामला पीसीए की ओर से खरीदी गई जमीन में कथित वित्तीय अनियमितताओं और धनशोधन के आरोपों से जुड़ा है। राकेश हांडा ने पीसीए और अन्य के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसी सुनवाई के दौरान अदालत ने ईडी को जमीन खरीद से जुड़े आरोपों की जांच कर स्थिति रिपोर्ट देने को कहा था।
ईडी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता धीरज जैन ने बताया कि एजेंसी ने आरोपों से संबंधित प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। इसके बाद सीलबंद रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। रिपोर्ट में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों की जानकारी होने की बात कही गई लेकिन अदालत ने इस चरण में इसकी सामग्री पर विचार नहीं किया।
हाईकोर्ट के 10 अगस्त के आदेश के अनुसार पीसीए की लोकपाल व्यवस्था ने 10 मार्च 2026 को हांडा की शिकायत खारिज कर दी थी। इससे पहले उनकी सदस्यता समाप्त की गई थी। 21 मई को पीसीए की शीर्ष परिषद ने उनकी आजीवन सदस्यता भी समाप्त कर दी। हांडा का कहना है कि कार्रवाई से पहले उन्हें पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया।