सुनाम के मोहणा पौड़ियां इलाके में 26 वर्षीय युवक कमलप्रीत सिंह की मौत हो गई। छह महीने पहले ही उसके छोटे भाई ने नशे के कारण दम तोड़ा था। अब कमलप्रीत की माैत के बाद परिवार बेसुध है।
घर से निकलते वक्त उसने मुझसे 700 रुपये मांगे थे... क्या पता था कि मेरा बेटा अब कभी लौटकर नहीं आएगा! यह कहते हुए रानी कौर के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। नशे के दैत्य ने एक ही परिवार की खुशियां पूरी तरह उजाड़ दी हैं।
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बीती रात सुनाम के मोहणा पौड़ियां इलाके में नशे की ओवरडोज के कारण 26 वर्षीय युवक कमलप्रीत सिंह की मौत हो गई। पीड़ित परिवार पर जो बीती है, उसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हैं। मात्र 6 महीने के छोटे से अंतराल में इस अभागे परिवार ने अपने दोनों बेटों को नशे की बलि चढ़ते देखा है। कुछ माह पहले ही छोटा बेटा नशे की भेंट चढ़ा था और अब बड़ा बेटा कमलप्रीत भी दुनिया छोड़ गया।
दुकान पर अचेत मिला था बेटा
जानकारी के अनुसार, कमलप्रीत नशे का आदी हो चुका था। बीती रात जब वह पिता की दुकान से समय पर घर नहीं लौटा, तो उसकी मां और बहन ढूंढते हुए दुकान पर पहुंचीं। वहां का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कमलप्रीत बेसुध पड़ा हुआ था। उस समय पिता काम के सिलसिले में शहर से बाहर गए हुए थे। परिजन रोते-बिलखते उसे सरकारी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में मातम और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय युवाओं ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल की है । युवाओं ने गम और गुस्से में कहा कि सुनाम में नशे का कारोबार इस कदर धड़ल्ले से फल-फूल रहा है कि बाहरी जिलों के नशेड़ियों में भी यह चर्चा रहती है कि यहां सबसे 'फाइन क्वालिटी' का चिट्टा आसानी से मिलता है।
पुलिस ने मां-बेटे पर दर्ज किया केस
थाना शहरी सुनाम के एसएचओ इंस्पेक्टर बलवंत सिंह ने बताया कि नशीला पदार्थ सप्लाई करने के आरोप में मृतक के पिता के बयानों पर राजविंदर कौर और उसके बेटे हरमन सिंह उर्फ नेपाली के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।