खालिस्तान समर्थक और खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) की अवधि बढ़ाने पर फैसला होगा। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में मंगलवार को पंजाब सरकार अपना पक्ष रखा।
अमृतपाल पर लगाए एनएसए की अवधि 22 मार्च को समाप्त हो चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि अमृतपाल सिंह को भी उनके अन्य आठ साथियों की तरह पंजाब की जेल में स्थानांतरित किया जा सकता है।
अमृतपाल सिंह के आठ साथियों को मंगलवार को अजनाला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपियों का तीन दिन का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया है। डीएसपी गुरविंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। अजनाला थाने पर किए गए हमले के मामले में आरोपियों से हथियार बरामद किए जाने अभी बाकी हैं। इस दौरान हथियारों का उपयोग हुआ था और कुछ लोगों से अमृतपाल के साथियों ने हथियार हासिल किए थे। दो वर्ष पहले अजनाला थाने पर हमले के आरोपी हरजीत सिंह, कुलवंत सिंह, गुरदीप सिंह, गुरमीत सिंह, भगवंत सिंह, दलजीत सिंह, बसंत सिंह और कोटकपुरा के पंजगराइयां गांव निवासी अमनदीप सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अमनदीप सिंह को छोड़ कर बाकी सात आराेपियों को असम की डिब्रूगढ़ जेल से गिरफ्तार कर लाया गया था। सातों आरोपी व सांसद अमृतपाल सिंह, पपलप्रीत सिंह और वरिंदर सिंह जौहल के साथ डिब्रूगढ़ जेल में राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट के आरोप में बंद थे। इन सात आरोपियों से पुलिस ने एनएसए भी हटा लिया है।