कई देशों के जगलों में भटका, पंजाब-हरियाणा के युवक भी बंदी
बलविंदर ने बताया कि वह जुलाई 2024 में भारत से अमेरिका के लिए रवाना हुआ था। एजेंटों ने उसे दिल्ली से मुंबई, फिर नीदरलैंड, सिएरा लियोन, घाना, अमेजन के जंगलों के रास्ते ब्राजील पहुंचाया। इसके बाद बोलिविया, पेरू और इक्वाडोर होते हुए अंत में कोलंबिया के जंगलों में डोकरों के हवाले कर दिया गया। वहां उसका पासपोर्ट और मोबाइल छीन लिया गया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया। वहां पंजाब, हरियाणा और अन्य देशों के युवकों को भी बंदी बनाकर रखा गया था। उसने दावा किया कि डोकरों ने पास के ही इलाके में नेपाल की लड़कियों को भी बंदी बना कर रखा हुआ था। डोकर वहां बंदी युवकों के शरीर पर ब्लेड से वार कर उन्हें लहूलुहान करते थे, उन पर पिघली हुई प्लास्टिक और गर्म रॉड लगाई गई। इन दरिंदों ने इन क्रूर यातनाओं की वीडियो बनाकर भारत में माता-पिता को भेज कर करोड़ों रुपयों की मांग की।
डोकरों ने दी थी गोली मारने की धमकी
बलविंदर ने बताया कि जब उसे गोली मारने की धमकी दी गई तो उसने सोचा कि मरना तो तय है, क्यों न भागने की कोशिश की जाए। फिर वह उसी रात को वहां किसी तरह से डोकरों की चंगुल से भाग निकला। उसने बताया कि उसका यह प्रयास तब सफल साबित हुआ जब जंगल से भागते हुए वे एक मुख्य मार्ग तक पहुंच गया, जहां एक बाइक सवार ने उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। सुरक्षित जगह पहुंचने तो करीब पांच महीने बाद परिवार से संपर्क कर पाया। इसके बाद उसकी मां और बहन राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया और उन्होंने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से संपर्क कर बलविंदर की वापसी के लिए जरूरी कदम उठवाए।
मां बोली- बेटे का हुआ दूसरा जन्म