गुरदासपुर जिले के गांव कोट में गुरमुख सिंह की पत्नी मनदीप कौर के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा के दौरान अस्पताल प्रशासन की लापरवाही ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। बच्चों के विदेश में होने के कारण परिवार ने शव को सुरक्षित रखने के लिए दो दिन पहले सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा था लेकिन जब वीरवार को अंतिम संस्कार के लिए शव लेने पहुंचे, तो फ्रीजर खराब होने के कारण शव पूरी तरह खराब हो चुका था।
परिजन अंतिम संस्कार के इंतजार में थे। इस अप्रत्याशित घटना ने पहले से दुखी परिवार को और अधिक आहत कर दिया। गुरमुख सिंह ने अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही की निंदा करते हुए कहा कि अगर समय पर फ्रीजर की खराबी की जानकारी मिल जाती, तो वे अन्य इंतजाम कर सकते थे।
अस्पताल के मेडिकल अफसर डॉ. सुखदीप सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि यह तकनीकी खराबी थी। फ्रीजर बाहरी तौर पर चालू था लेकिन अंदरूनी गड़बड़ी के कारण कूलिंग नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही पाई गई, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि स्वजनों का कहना है कि यह केवल तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि अस्पताल की उदासीनता और नियमित निरीक्षण की कमी का नतीजा है। परिवार ने मामले की जांच और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।