29 अप्रैल को मोची को किया था गिरफ्तार
बताते चलें कि बीती 29 अप्रैल को भी बठिंडा सैन्य छावनी में एक मोची का काम करने वाले आरोपित सुनील कुमार निवासी बेअंत नगर बठिंडा को जासूसी करने के आरोप में बठिंडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जब मामले की जांच की गई, तो मामला हनी ट्रैप निकला। मोची सुनील कुमार एक पाकिस्तानी महिला के जाल में फंस गया था और उनसे बातचीत करता था। उसके पास से जासूसी वाली कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली थी, जिसके चलते अदालत ने उसे ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया था।
मोबाइल में मिले पाकिस्तानी नंबर
पुलिस द्वारा थाना कैंट में दर्ज की गई एफआईआर में बताया गया कि सेन्य छावनी में टेलर का काम करने वाले रकीब से पाकिस्तानी इंटेलिजेंस आप्रेटिव नंबर और सेना के संदिगध कागजात बरामद किए गए है। जो आरोपी से मोबाइल में मिले हैं। मोबाइल में पाकिस्तान से जुड़े कुछ नंबर भी मिले हैं। आरोपी से मोटो कंपनी का ई13 मोबाइल, एयरटेल का सिम कार्ड और नोकिया कंपनी का फोन बरामद किया गया है।
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रिश्तेदारों की वजह से छावनी में मिला था काम
सूत्रों से पता चला है कि इससे पहले जो मोची सुनील कुमार का कोई रिश्तेदार बठिंडा आर्मी कैंट में काम करता है। उसकी वजह से ही सुनील को भी छावनी में मोची का मिला था। अभी जो रकीब पकड़ा गया वो भी अपने किसी रिश्तेदार के जरीये ही काम करने छावनी आया था।
एयरफोर्स व आर्मी एरिया के नजदीक रहने वाले लोगों की जांच शुरू
वहीं सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तान और भारत के बीच चल रहे तनाव के बाद जिला पुलिस की तरफ से बठिंडा एयरफोर्स स्टेशन और आर्मी कैंट एरिया के आसपास रहने राले लोगों की जांच शुरू कर दी गई है। इसकी पुष्टि जिला पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने भी की है।