एसआई नरपिंदर पाल सिंह ने आगे बताया कि उन्होंने तरुण अग्रवाल से पूछताछ की। तरुण ने बताया कि मैं और मेरे साथी हेरत शाह और थुराई राज 15 सितंबर को रात 10 बजे नोएडा स्थित अपने दफ्तर (ए-35, सेक्टर 136, सेकेंड फ्लोर) पर काम कर रहे थे। तभी चार व्यक्ति आए। जिनमें बलविंदर सिंह ने खुद को एसपी बताया। गगनदीप सिंह उर्फ एप्पल ने खुद को डीएसपी बताया। करनदीप सिंह के हाथ में हथियार था, उसने खुद को बलविंदर सिंह का गनमैन बताया गया। इसके अलावा एक और व्यक्ति खाकी वर्दी में था, जिसके गले पर टैटू और कद लगभग 6 फीट था। तरुण अग्रवाल ने आगे बताया- इन लोगों ने हमारे स्टाफ को एक तरफ कर, हमारे मोबाइल फोन और लैपटॉप ले लिए। बाकी स्टाफ को छोड़कर हमें तीनों को गाड़ी में बैठा लिया। इन्होंने हमें कहा कि हमारे खिलाफ चंडीगढ़ साइबर में शिकायत है। इसके बाद ये हमें 2 गाड़ियों, काली एमजी हेक्टर और काली किया सेल्टोस में लुधियाना ने आए। वहां करीब 4 बजे सुबह तक जिमीदारा ढाबा के कमरा नंबर 114 में रखा गया। एसआई नरपिंदर पाल सिंह ने कहा कि जब तरुण के बयानों पर बलविंदर सिंह और करनदीप सिंह से सख्ती से पूछताछ की गई, तो बलविंदर ने माफी मांगते हुए कहा कि उससे गलती हो गई।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
एसआई के अनुसार इन आरोपियों ने तरुण अग्रवाल, हेरत शाह और थुराई राज को नोएडा से बिना किसी केस, शिकायत या एफआईआर के अगवा कर लिया। फिर उन्हें पंजाब लाकर जबरन पैसे की मांग की गई। उनके खातों से यूएस डॉलर्स, 1 लाख रुपये के गिफ्ट कार्ड, फोन और घड़ी लूट ली गई। एसआई के मुताबिक इस मामले हेडकॉन्स्टेबल बलविंदर सिंह, एएसआई कुलदीप सिंह, गगनदीप सिंह उर्फ गगन उर्फ एप्पल, करनदीप सिंह, मनी, और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 319, 140, 3(5), 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।