बठिंडा निगम कार्यालय का रिकार्ड रूम, जिसमें लगी थी आग।
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बठिंडा नगर निगम कार्यालय के रिकार्ड रूम में 30 जनवरी को आग लग गई थी। कमरे में रखा सरकारी रिकार्ड जल गया था। इस मामले में पुलिस ने 20 दिन बाद केस दर्ज किया है। मामले में थाना कोतवाली पुलिस ने वीरवार देर रात को अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसकी पुष्टि थाना कोतवाली के इंस्पेक्टर परविंदर सिंह ने की है। इस घटना के बाद निगम कमिशनर ने पुलिस को उक्त मामले की गहराई से जांच करने के लिए पत्र लिखा था।
जानकारी के अनुसार 30 जनवरी 2026 को रात के समय अचानक खबर फैलती है कि निगम कार्यालय के उस कमरे में आग लग गई जिसमें सरकारी रिकार्ड की फाइलें थी। आग से सरकारी रिकार्ड जल गया। जब तक आग पर काबू पाया गया तब रिकार्ड जलकर खाक हो चुका था। उक्त घटना के बाद शहर में लोगों ने पूरे जोरों पर चर्चा छेड़ दी थी कि तेल घोटाले और टेंडर देने संबंधी पूरा रिकार्ड इस कमरे में पडा था। तेल घोटाले की जांच अभी विजिलेंस द्वारा की जा रही है, तो वहीं सरकारी काम के टेंडर को लेकर घटना से कुछ दिन पहले ही ठेकेदारों ने सीबीआई जांच करवाए जाने की मांग की थी।
इस आग घटना के बाद सीधे तौर पर कुछ संदिगध लोगों पर संदेह की सुई घूम रही थी कि शायद तेल घोटाले की विजिलेंस जांच में अड़चन पैदा करने और टेंडर मामले की सीबीआई जांच हो ही ना पाए। इसके लिए शायद साजिश के तहत सरकारी रिकार्ड को आग लगाई गई हो। इस घटना के बाद फोरेसिंक टीम भी जांच करने पहुंची थी।
उक्त आग घटना के मामलें को लेकर निगम कमिशनर ने पुलिस को पत्र लिखकर मामलें की जांच के लिए कहा था। थाना कोतवाली पुलिस उक्त मामले की प्राथमिक जांच करने में जुटी तो पुलिस ने सबसे पहले निगम के सरकारी रिकार्ड रूम को कवर करने वाले सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी थी।
सूत्रों के अनुसार सरकारी रिकार्ड रूम में आग लगने कारण जो रिकार्ड जलकर खाक हो चुका है, वो अकांउट्स एवं वर्किंग संबंधी था। पुलिस के हाथ अभी चाहे कुछ सुराग नहीं लगा है, लेकिन आने वाले समय में इस आग की घटना को लेकर कोई बड़ा खुलासा हो सकता है।