तरनतारन के गांव शेरों स्थित सिद्धू फार्म में विवाह समागम के दौरान बाइक पर सवार तीन शूटरों ने गांव ठट्ठियां महंत के सरपंच हरबरिंदर सिंह संधू की गोलियां मारकर हत्या कर दी। हरबरिंदर सिंह आम आदमी पार्टी के नेता थे। हमलावरों ने उसी ढंग से गोलियां मारी, जिस ढंग से डेढ़ माह पहले गांव वल्टोहा संधुआं के सरपंच जर्मल सिंह की अमृतसर के पैलेस में हत्या की गई थी। सरपंच संधू की हत्या करने वाले आरोपियों ने पिस्टलों का प्रयोग किया। हैरान की बात यह है कि इस बार हमलावरों के पास एके-47 थी। हालांकि एके-47 से फायरिंग नहीं की गई, लेकिन एक हमलावर ने शादी में मौजूद मेहमानों की तरफ बंदूक को तान दिया था।
विधानसभा हलका पट्टी के अधीन आते गांव ठट्ठियां महंता निवासी किसान सेवा सिंह के बेटे गुरसेवक सिंह की अमृतसर जिले के गांव रईया निवासी मेजर सिंह की लड़की गगनदीप कौर के साथ मंगनी हुई थी। बुधवार को दोनों का विवाह समागम गांव शेरों स्थित सिद्धू फार्म में रखा गया।
दोपहर डेढ़ बजे आनंद कारज की रस्म के बाद दूल्हा-दुल्हन पैलेस में पहुंचे। उनके स्वागत के लिए मंच पर सभी मेहमान शगुन देने के लिए एकत्रित हो रहे थे। दूल्हा-दुल्हन स्टेज पर चढ़ रहे थे। जबकि इसी गांव से संबंधित सरपंच हरबरिंदर सिंह संधू अपने साथियों सहित खाना खा रहे थे। इतने में बाइक पर सवार होकर तीन हमलावर पैलेस में दाखिल हुए। दो हमलावरों ने पिस्टलों से सरपंच हरबरिंदर सिंह पर पीछे से गोलियों की बौछार की। जबकि मौके पर ही सरपंच लहूलुहान होकर गिर गए।
बचाव के लिए चचेरा भाई जर्मनजीत सिंह आगे आया तो एक हमलावर ने उसे भी गोली मारकर घायल कर दिया। करीब पांच से सात राउंड गोलियों की आवाज सुनकर पूरे पैलेस में अफरा-तफरी मच गई। जबकि तीसरे हमलावर ने एके-47 राइफल सीधी कर मेहमानों को एक तरफ भागने को कहा।
डेढ़ मिनट में पूरी वारदात
करीब डेढ़ मिनट के दौरान गोलीकांड को अंजाम देकर हमलावर भागने में सफल रहे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची व पैलेस को बंद कर पड़ताल शुरू कर दी। एसएसपी सुरेंद्र लांबा ने बताया कि सरपंच हरबरिंदर सिहं संधू को किसी भी प्रकार की कोई धमकी वगैरा नहीं मिली थी। फिर भी पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है।
डीएसपी और एसएचओ सस्पेंड
वहीं, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हरबरिंदर सिंह हत्या मामले को लेकर डीजीपी गौरव यादव ने डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, फिरोजपुर रेंज स्नेहदीप शर्मा और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, तरनतारन सुरेंद्र लांबा को निर्देश दिए हैं कि वे जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और जल्द दोषियों पर कार्रवाई करें। घटना की जवाबदेही तय करते हुए डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि डीएसपी पट्टी जगबीर सिंह और एसएचओ सरहाली गुरविंदर सिंह को उचित एहतियातन पुलिस कार्रवाई न करने के कारण निलंबित कर दिया गया है।