पंजाब के फिरोजुपर के जलालाबाद में सब्जी मंडी के पुराने शेड के नीचे रेहड़ी- फड़ी लगाने वालों को नई फल-सब्जी मंडी में शिफ्ट करने को लेकर बीते तीन दिनों से जारी विवाद बुधवार को टकराव में बदल गया। तीन दिन से हड़ताल पर बैठे रेहड़ी- फड़ी वालों ने जब प्रशासन के आदेश को मानने से इनकार कर दिया, तो पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें वहां से खदेड़ दिया।
सीपीआई नेता हंसराज गोल्डन ने कहा कि सरकार गरीब मजदूर तबके पर जुल्म कर रही है। रेहड़ी चालक रोजी-रोटी कमाकर परिवार का पेट पालते हैं। इनके सिर से छत छीनकर इन्हें नई जगह धकेलना सीधा-सीधा शोषण है। सब्जी रेहड़ी यूनियन अध्यक्ष सुरेंद्र पाल ने कहा कि हम किसी भी कीमत पर नई मार्केट में शिफ्ट नहीं होंगे। प्रशासन चाहे जितना भी दबाव बना ले, रेहड़ी चालक अपनी पुरानी जगह से नहीं हटेंगे। अगर जबरदस्ती की गई तो आंदोलन और उग्र होगा।
इससे पहले उपमंडल अधिकारी कंवरजीत सिंह मान की अगुवाई में जिला मंडी अधिकारी सलोद बिश्नोई और पुलिस उपकप्तान जितेंद्र सिंह गिल ने यूनियन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रशासन का कहना है कि नई मंडी में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था को रोकने के लिए शिफ्टिंग जरूरी है।
धरने में पहुंचे भाजपा जिला अध्यक्ष काका कंबोज ने कहा कि इलाके में खुलेआम नशा बिक रहा है लेकिन वहां पुलिस कार्रवाई करने नहीं जाती। पर गरीब रेहड़ी वालों को उजाड़ने के लिए पूरी फोर्स लेकर मंडी में पहुंच गई। विधायक इस इलाके में भ्रष्टाचार फैला रहे हैं और पुलिस प्रशासन उनके इशारे पर काम कर रहा है। भाजपा गरीब रेहड़ी चालकों के साथ खड़ी है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जबरदस्ती की गई तो भाजपा आंदोलन को और तेज करेगी।