मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की सोच साझेदारी और उद्योगों के साथ मिलकर काम करने पर आधारित है ताकि उद्योगों की जरूरतों को समझते हुए सरकार विकास की दिशा में सकारात्मक उत्प्रेरक की भूमिका निभा सके। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने अपना आधारभूत ढांचा मजबूत किया है, औद्योगिक क्षमता बढ़ाई है और निवेश के नए मार्ग खोले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और उद्योग जगत के बीच साझेदारी ही सफलता की कुंजी है और प्रदेश सरकार का दृढ़ विश्वास है कि औद्योगिक विकास तभी संभव है जब हम बराबर के साझेदार के रूप में काम करें।
इस दौरान प्रवासी समुदाय ने मुख्यमंत्री के दल का गर्मजोशी भरा स्वागत किया। उन्होंने पंजाब की वैश्विक पहुंच तथा त्योहारों, भाषा, व्यंजनों और रीति-रिवाजों के उत्सवों के माध्यम से कोरियाई लोगों में पंजाबी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने के निरंतर प्रयासों की सराहना की।
प्रवासी समुदाय ने उम्मीद जताई कि यह दौरा पंजाब-दक्षिण कोरिया संबंधों में नया अध्याय शुरू करेगा, जिससे उद्योग, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में दीर्घकालिक साझेदारी और रचनात्मक परिणामों का मार्ग प्रशस्त होगा।
अरान इंटरनेशनल के प्रबंध निदेशक सी. आकाश ने पंजाब के फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश की संभावनाओं में गहरी रुचि दिखाई। प्रख्यात विद्वान डॉ. (प्रो.) लखविंदर सिंह ने भी मुख्यमंत्री द्वारा विशेष रूप से रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए दक्षिण कोरिया में निवेश रोड शो आयोजित करने की पहल का स्वागत किया। कोरिया में पंजाबी एसोसिएशन की चेयरपर्सन मीनाक्षी पवार ने बताया कि लंबे समय बाद पंजाब सरकार के किसी उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दक्षिण कोरिया का दौरा किया है और जोर दिया कि यह नई पहल लंबी अवधि के सहयोग के लिए नई संभावनाएं खोलेगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने अत्यंत लाभकारी जापान दौरे के बाद दक्षिण कोरिया में अंतरराष्ट्रीय निवेश आउटरीच के इस चरण की शुरुआत की है। भगवंत सिंह मान ने कोरिया में भारत के राजदूत गौरंगलाल दास के साथ विस्तृत विचार-विमर्श सत्र भी किया। बैठक में उन्होंने फूड प्रोसेसिंग, एग्री-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, रक्षा, एयरोस्पेस और शहरी आधारभूत ढांचे जैसे उच्च संभावना वाले क्षेत्रों में गहन आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के पंजाब सरकार के लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
भगवंत सिंह मान ने प्रदेश को उत्तरी भारत के लिए रणनीतिक प्रवेश द्वार के तौर पर स्थापित करने वाले पंजाब के विकसित हो रहे औद्योगिक वातावरण, प्रगतिशील नीतियों व अहम लाभ पर भी प्रकाश डाला।सोमवार को पंजाब का प्रतिनिधिमंडल कई उच्च-स्तरीय बैठकों में हिस्सा लेगा। जिसकी शुरुआत प्रमुख कोरियाई कंपनियों डेवू ई एंड सी, जीएस ई एंड सी तथा नोंगशिम के साथ बैठक से होगी, जिसमें निर्माण इंजीनियरिंग, आधारभूत ढांचा विकास और उन्नत फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अवसरों की खोज की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री पंजाब प्रांत में कारोबार करने की सुगमता विषय पर गोलमेज बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसमें प्रमुख कानूनी फर्में, वित्तीय निवेशक, सलाहकार समूह और व्यापारिक संगठन शामिल होंगे। इसका उद्देश्य कोरियाई हितधारकों को पंजाब के शासन सुधारों, पारदर्शी प्रक्रियाओं और निवेशक-अनुकूल ढांचे की स्पष्ट समझ प्रदान करना है।
इसके बाद दक्षिण कोरिया के प्रमुख इनोवेशन एवं टेक्नोलॉजी क्लस्टर पेंग्यो टेक्नो वैली का दौरा किया जाएगा, जहां दल अनुसंधान एवं विकास, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और हाई-टेक औद्योगिक विकास में सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं का अध्ययन करेगा। इस व्यस्त दिन का समापन कोरिया डिफेंस इंडस्ट्री एसोसिएशन (के.डी.आई.ए.) के साथ केंद्रित वार्ता से होगा, जिसमें रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियां और भविष्य में पंजाब के अनुकूल औद्योगिक क्षमताओं के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।