सुबह सरगी से शुरू होगा व्रत
सेक्टर 30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि करवा चौथ के दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण करती हैं। इसके बाद व्रत शुरू होता है। महिलाएं दिनभर निराहार रहकर शाम को सोलह शृंगार करती हैं और पूजा की तैयारी करती हैं। दोपहर बाद करवा चौथ की कथा सुनी जाती है। रात को चंद्रमा के दर्शन करने के बाद उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद पति, सास-ससुर और घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर व्रत खोला जाता है।
वृष राशि में रहेगा चंद्रमा
आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री ने बताया कि इस बार करवा चौथ पर चंद्रमा वृष राशि में रहेंगे। वृषभ चंद्रमा की उच्च राशि मानी जाती है। चंद्रमा के मृगशिरा नक्षत्र में रहने का भी उल्लेख किया गया है। व्रत करने वाली महिलाएं इस संयोग को शुभ मानते हुए पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।