नुकसान के सर्वे का काम शुरू
बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी तेजी से सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। घरों, दुकानों, सड़कों, बिजली के खंभों, जल योजनाओं जैसी सभी सार्वजनिक व निजी संपत्तियों का आकलन इंजीनियरिंग टीमों द्वारा किया जा रहा है, ताकि सरकार हर प्रभावित व्यक्ति को जल्द से जल्द मुआवजा दे सके।
विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान शुरू
पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे, इसलिए हर जगह ‘काम से पहले और बाद’ की तस्वीरें खींची जा रही हैं। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी काम अधूरा न रहे और हर जरूरतमंद तक सरकारी मदद पहुंचे। पंजाब के सभी जिलों में आज, 14 सितंबर से मान सरकार का विशेष सफाई और पुनर्वास अभियान जोर-शोर से शुरू हो गया है। सुबह से ही नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन की टीमें फील्ड में उतर चुकी हैं। जेसीबी मशीनों की आवाज और ट्रैक्टर-ट्रालियों की हलचल इस बात का संकेत दे रही है कि अब पंजाब में सिर्फ राहत नहीं, बल्कि पुनर्निर्माण की शुरुआत हो चुकी है। लोग खुद कह रहे हैं कि पहली बार सरकार इतनी तेज़ी और गंभीरता से हर गली-नुक्कड़ तक पहुंची है। ये देखकर जनता को भरोसा हुआ है कि सरकार सिर्फ एलान नहीं करती, जमीन पर काम करती है, वो भी बिना रुके, बिना थके।
अमृतसर में बाढ़ से बर्बाद खेत से गुजरता किसान
- फोटो : एजेंसी
सकंट में पंजाबियों ने दिखाई एकजुटता
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच ने इस बार साबित कर दिया है कि बाढ़ जैसी आपदा को भी अगर जिम्मेदारी से संभाला जाए, तो वो लोगों के हौसले को गिराने की जगह उसे और मजबूत बना सकती है। इस बार सरकार ने बाढ़ को सिर्फ प्राकृतिक संकट नहीं, बल्कि पंजाबियों की हिम्मत, सेवा-भाव और एकजुटता की परीक्षा माना है। राहत कार्यों को इवेंट या प्रचार की तरह नहीं, बल्कि जनसेवा और जवाबदेही के अवसर की तरह लिया गया है, यही वो फर्क है जो एक लोक सेवक सरकार और दिखावटी राजनीति में होता है।
खुद मैदान में उतरे मुख्यमंत्री
बाढ़ आई, नुकसान हुआ, लेकिन सरकार कहीं नहीं डगमगाई। मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी टीम ने खुद को मैदान में उतार दिया। यह वही फर्क है जो जनता अब साफ देख रही है, जहां कुछ दल मुसीबत में सियासत खोजते हैं, वहीं मान सरकार समाधान खोजती है। आज जब विपक्ष सवालों की स्क्रिप्ट लिख रहा है, मान सरकार अपने काम से जवाब दे रही है, और वो भी जनता के बीच रहकर, उनके पिंडा विच में खड़े होकर। और इसलिए आज पूरा पंजाब कह रहा है, मान सरकार खड़ी है, सिर उठाके, सीने ठोक के… अपने लोकां दे नाल, हर वक्त, हर हाल।