चंडीगढ़ स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने नियमों की अनदेखी के चलते इनड्राइव का एग्रीगेटर लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है। इससे पहले जून 2026 में प्रशासन ने ओला कैब्स पर भी छह महीने का बैन लगाया था। हालांकि, दो बड़े प्लेटफॉर्म्स के बंद होने के बाद भी शहर के ड्राइवरों की दैनिक कमाई (दिहाड़ी) पर कोई बड़ा संकट नहीं मंडराएगा।
प्रशासन ने साफ किया है कि यह कार्रवाई चंडीगढ़ मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियम, 2025 के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर की गई है। कंपनियां ड्राइवरों को अनिवार्य हेल्थ इंश्योरेंस, टर्म इंश्योरेंस, डिजिटल ट्रेनिंग और तय किराया व्यवस्था जैसी सुविधाएं नहीं दे रही थीं। बार-बार नोटिस देने के बावजूद सुधार न होने पर यह सख्त फैसला लिया गया।
विशेषज्ञों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों के अनुसार, इन दो कंपनियों के बंद होने से काम पूरी तरह ठप नहीं होगा। ड्राइवरों के पास अपनी दिहाड़ी बचाने के लिए मजबूत रास्ते मौजूद हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन ने सिर्फ ओला और इनड्राइव को प्रतिबंधित किया है। शहर में उबर और रैपिडो जैसी अन्य स्वीकृत एग्रीगेटर सेवाएं पूरी तरह चालू हैं। ड्राइवर तुरंत इन ऐप्स पर शिफ्ट होकर अपनी राइड्स जारी रख सकते हैं।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ओला या इनड्राइव से बुकिंग न करें। ऐसे में सवारियां खुद-ब-खुद चालू ऐप्स का रुख कर रही हैं, जिससे वहां बुकिंग और ड्राइवरों की कमाई बढ़ेगी।