चंडीगढ़ में अब सेक्टर-30 के बाद के इलाकों में बहुमंजिला आवासीय विकास का रास्ता खुलने जा रहा है। फेज-2 के नए सरकारी फ्लैटों में स्टिल्ट पार्किंग और कुछ हाउसिंग बोर्ड पॉकेट्स में स्टिल्ट प्लस पांच मंजिल की अनुमति का प्रावधान मास्टर प्लान-2031 के संशोधन ड्राफ्ट में मंजूर किया गया है।
साथ ही औद्योगिक इमारतों का एफएआर बढ़ाकर 2 करने का प्रावधान भी स्वीकृत हुआ है। वीरवार को मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद की अध्यक्षता में हुई चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की बैठक में ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को भेजा जाएगा।
फेज-1 यानी सेक्टर-1 से 30 तक मौजूदा स्वरूप में कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं हाईराइज इमारतों और ज्यादा एफएआर के व्यापक प्रावधान लागू करने से पहले मौजूदा सड़क, पार्किंग, सीवर, पानी और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता की स्टडी कराई जाएगी। स्टडी के आधार पर ही आगे का विकास तय होगा।