अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हलवारा से दिल्ली जाने वाली एयर इंडिया की उड़ान एआई-484 शुक्रवार को टेकऑफ से पहले ही वापस एप्रन पर लौट आने के कारण करीब चार घंटे की देरी से रवाना हुई। घटना के बाद विमान में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बसों के माध्यम से टर्मिनल भवन तक लाया गया। हालांकि एयर इंडिया और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के किसी भी अधिकारी ने देरी के वास्तविक कारणों पर आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शी टैक्सी चालक अमनदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि विमान यात्रियों को लेकर एप्रन से रनवे की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान उन्होंने विमान की दिशा से एक तेज आवाज सुनी, जिसके कुछ ही देर बाद विमान बिना उड़ान भरे वापस एप्रन पर लौट आया। इसके बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारकर बसों के जरिए टर्मिनल तक पहुंचाया गया।
यात्रियों के अनुसार एयरपोर्ट और एयर इंडिया के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि विमान में कुछ तकनीकी त्रुटि सामने आई है। साथ ही दिल्ली में हो रही तेज बारिश और खराब मौसम के कारण भी उड़ान संचालन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह मिली थी। इन दोनों कारणों के चलते उड़ान को तत्काल रोक दिया गया।
दोपहर निर्धारित इस उड़ान में दिल्ली जाने के लिए करीब 50 यात्री सवार थे। जब उन्हें बताया गया कि विमान लगभग चार घंटे बाद रवाना होगा, तब करीब 30 यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर घरों अथवा होटलों की ओर लौटना उचित समझा। वहीं 20 से अधिक यात्री एयरपोर्ट पर ही इंतजार करते रहे। अंततः शाम करीब सात बजे विमान शेष यात्रियों को लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों की चुप्पी, प्रत्यक्षदर्शी अपने बयान पर कायम
घटना के कई घंटे बाद भी एयर इंडिया अथवा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। इस बीच टैक्सी चालक अमनदीप सिंह धालीवाल ने दोबारा दावा किया कि विमान से तेज आवाज आने के बाद ही उसे वापस एप्रन पर लाया गया था। आधिकारिक पुष्टि न होने से घटना के वास्तविक कारणों को लेकर यात्रियों में असमंजस बना रहा।
कुछ दिन पहले भी बीच रास्ते से लौटना पड़ा था विमान
यह पहली बार नहीं है जब हलवारा से जुड़ी एयर इंडिया की उड़ान चर्चा में आई हो। कुछ दिन पहले दिल्ली से हलवारा आ रही एयर इंडिया की एक उड़ान को लगभग 10 हजार फीट की ऊंचाई से एहतियातन वापस दिल्ली लौटना पड़ा था। बाद में यात्रियों को दूसरे विमान से हलवारा भेजा गया।
उस दिन भी हलवारा एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण विमान को सुरक्षित लैंडिंग के लिए दो चक्कर लगाने पड़े, जिसके बाद ही विमान रनवे पर उतर सका। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यात्रियों के मन में उड़ानों की विश्वसनीयता और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हाल की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ समय में एयर इंडिया के विमानों से जुड़ी विभिन्न तकनीकी गड़बड़ियों, एहतियाती वापसी, उड़ानों में विलंब तथा अन्य परिचालन संबंधी घटनाओं ने नागरिक उड्डयन सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी तकनीकी संकेत या प्रतिकूल मौसम की स्थिति में उड़ान रोकना या वापस लौटना सुरक्षा मानकों का हिस्सा है, लेकिन बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने पर यात्रियों का विश्वास प्रभावित होना स्वाभाविक है।
सबसे बड़ी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा
नागरिक उड्डयन में यात्रियों का जीवन और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी विमान में तकनीकी आशंका या मौसम संबंधी जोखिम दिखाई देता है तो उड़ान रोकना या वापस लौटना एक जिम्मेदार निर्णय माना जाता है। हालांकि ऐसी प्रत्येक घटना के बाद संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे समय पर पारदर्शी और आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि यात्रियों में भ्रम और आशंकाओं की स्थिति पैदा न हो।
हलवारा की ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लगातार सामने आ रही परिचालन और तकनीकी घटनाओं के बीच यात्रियों का भरोसा मजबूत करने के लिए एयरलाइन और संबंधित एजेंसियां पारदर्शिता तथा प्रभावी संवाद की दिशा में क्या कदम उठाएंगी।