चंडीगढ़ सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस को जांच के दौरान बड़ा सुराग मिला है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि शहर में पहली बार किसी गैंगस्टर नेटवर्क ने हत्या की सुपारी को अंजाम देने के लिए जम्मू-कश्मीर से शार्प शूटरों का इस्तेमाल किया है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस संदिग्ध हमलावरों की पहचान कर चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं पुलिस की टीम शूटरों के घर तक पहुंच चुकी है। पुलिस ने शूटरों की गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक शूटर पहले भी कई बार चंडीगढ़ आ चुके हैं और शहर में उनके कुछ स्थानीय संपर्क भी मौजूद हैं। जांच के दौरान सेक्टर-29 क्षेत्र की एक कॉलोनी में भी आरोपियों के लिंक सामने आए हैं। पुलिस इन संपर्कों की भूमिका और नेटवर्क की गहन पड़ताल कर रही है।
शूटरों का कनेक्शन जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र से जुड़ा
पुलिस ने संदिग्ध आरोपियों की पहचान की
गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में दबिश जारी
सेक्टर-29 क्षेत्र में स्थानीय संपर्कों के संकेत
कारोबारी प्रतिद्वंद्विता और रंगदारी एंगल की जांच
गोल्डी ढिल्लों से जुड़ी कथित ऑडियो क्लिप भी जांच के दायरे में
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में सक्रिय
जानकी दास असली निशाना थे या नहीं?
शूटरों को चंडीगढ़ में किसने पनाह दी?
स्थानीय नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है?
क्या हत्या का संबंध रंगदारी और गैंगवार से है?
गोल्डी ढिल्लों की कथित ऑडियो का वास्तविक कनेक्शन क्या है?