दादी के साथ डॉ. इशांक चब्बेवाल।
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पंजाब की चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के आज (23 नवंबर) को नतीजे घोषित किए गए हैं। इसमें होशियारपुर के कंडी क्षेत्र के हलके चब्बेवाल में आम आदमी पार्टी (आप) उम्मीदवार डॉ. इशांक चब्बेवाल ने भारी मतों से जीत हासिल की है। मतगणना की शुरुआत से ही इशांक बढ़त बनाए हुए थे। डॉ. इशांक को 50 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। खास बात यह है कि उन्होंने करीब 30 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। डॉ. इशांक ने एकतरफा जीत हासिल की है। आप के डॉ. इशांक को 51753 वोट मिले हैं। कांग्रेस प्रत्याशी रणजीत को 23171 और भाजपा उम्मीदवार सोहन को 8667 मत मिले हैं।
चब्बेवाल सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए डॉ. इशांक कुमार 31 साल के हैं और पंजाब के सबसे कम उम्र के विधायक होंगे। इशांक एमडी रेडियोलॉजी के फाइनल सेमेस्टर के छात्र हैं। अपने पिता सांसद डॉक्टर राजकुमार के पदचिन्हों पर चलते हुए पहले रेडियोलॉजी में अपना प्रोफेशन बनाने की ओर अग्रसर थे। अब राजनीति में भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए चब्बेवाल विधानसभा सीट, जिसे उनके पिता ने ही इस्तीफा देकर खाली किया था। इशांक ने इस जीत के साथ हलके में अपने परिवार की सियासत को कायम रखा है। इशांक अपने पिता के साथ पिछले लगभग 8-10 साल से राजनीति में सक्रिय रहे हैं और पिता की चुनावी मुहिम में लगातार भाग लेते रहे हैं।
पिता डॉ. राजकुमार दो बार रहे चब्बेवाल के विधायक
डॉ. इशांक होशियारपुर से आम आदमी पार्टी के सांसद डॉ. राजकुमार के बेटे हैं। आम आदमी पार्टी ने डॉ. इशांक को चब्बेवाल हलके में पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए चुनाव मैदान में उतरा था। राजकुमार चब्बेवाल हलका चब्बेवाल से ही वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट से चुनाव लड़े थे और विधायक बने थे। इसके बाद वह कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हो गए थे। लोकसभा चुनाव में उन्होंने होशियारपुर सीट से चुनाव लड़ा और जीतकर संसद पहुंचे। इसके बाद इस सीट पर आप ने बेटे इशांक पर ही भरोसा जताया और इशांक भी भरोसे पर खरे उतरे हैं।
रेडियोलॉजिस्ट हैं डॉ. इशांक
डॉ. इशांक अपने पिता की तरह एक रेडियोलॉजिस्ट हैं। 31 वर्षीय डॉ. इशांक एनजीओ कोशिश के साथ जुड़कर विद्यार्थी के साथ लोगों की मदद करते रहे हैं। इशांक को अपने पिता के राजनीतिक सफर में उनके साथ काम करने का तजुर्बा है। यही वजह रही कि उपचुनाव में हलके के लोगों ने इशांक पर भरोसा जताया और उन्हें भारी बहुमत के साथ विधानसभा भेजा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में इशांक ने डॉ. राजकुमार के चुनावी अभियान प्रभारी के रूप में काम किया और मीडिया प्रबंधन, विभिन्न कैंपेन में भी आगे रहे।