हाल ही में पंजाब सरकार ने सूबे में चल रहे आम आदमी क्लीनिकों के नाम बदले का फैसला है। सरकार प्रदेश के करीब 390 आम आदमी क्लीनिक का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य केंद्र करेगी। इस फैसले का पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को फायदा हुआ है। केंद्र ने पंजाब सरकार को 1250 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं।
पंजाब सरकार के बैकफुट पर आते ही केंद्र ने राज्य के लिए पूंजी के द्वार खोल दिए हैं। केंद्र ने पंजाब को विशेष पूंजी सहायता के तहत 1250 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यूं तो विशेष पूंजी सहायता के तहत पंजाब को 1650 करोड़ रुपये आने थे, लेकिन सर्कल पीरियड पूरा न होने की वजह से केंद्र ने 400 करोड़ रुपये रोका है, जोकि दिसंबर के अंत तक आ जाएगा।
जल्द ही पंजाब सरकार को एनएचएम के तहत रोके गए फंड भी जारी किए जाएंगे, क्योंकि पंजाब सरकार ने आम आदमी क्लीनिक का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य केंद्र रखने का फैसला किया है। रूरल डेवलपमेंट फंड (आरडीएफ) के तहत केंद्र ने 6,767 करोड़ रुपये रोक रखे हैं। बीते दिनों वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा और खाद्य मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की थी।
विशेष पूंजी सहायता की योजना
केंद्र ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में विशेष पूंजी सहायता की योजना शुरू की थी। केंद्र ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में 16 राज्यों को 56,415 करोड़ रुपये विशेष पूंजी सहायता के रूप में जारी किए थे, लेकिन पंजाब इस सूची में शामिल नहीं था। बीते दो वर्षों से पंजाब के अकेले विशेष पूंजी सहायता के ही नहीं बल्कि नेशनल हेल्थ मिशन, रूरल डेवलपमेंट फंड और अन्य कई फंड मिलाकर करीब 10 हजार करोड़ रुपये रोक रखे हैं। दरअसल पंजाब के फंड इसलिए रोकने शुरू किए गए क्योंकि केंद्र का आरोप था कि राज्य सरकार योजनाओं पर खर्च होने वाले फंड का अपनी नई योजनाओं पर खर्च कर रही है।
हरियाणा और हिमाचल को मिली थी विशेष पूंजी सहायता
वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष हरियाणा को 1,093 करोड़ और हिमाचल प्रदेश को 826 करोड़ रुपये विशेष पूंजी सहायता के रूप में मिले थे, लेकिन पंजाब के बनते 1100 करोड़ रुपये रोक लिए गए थे।