झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई के हवाले
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मानसा में मारे गए नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर झोटा के मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का एलान किया है। यह फैसला परिवार की मांग पर लिया गया है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वे नशे के खिलाफ लड़ रहे परविंदर सिंह झोटा के पिता और उनके परिवार के साथ हैं। उन्होंने परिवार की मांग को स्वीकार किया है। मान ने जोर देकर कहा कि नशे के सौदागरों के खिलाफ उनकी लड़ाई आर-पार की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब को नशा-मुक्त करने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।
बिट्टू ने सरकार पर साधा निशाना
वहीं सरकार के हत्याकांड की जांच सीबीआई को साैंपने पर रवनीत बिट्टू ने कहा कि अभी तो गृहमंत्री दिल्ली से पंजाब आने के लिए चले भी नहीं थे, मुख्यमंत्री ने खुद ही सीबीआई जांच की मांग कर ली। जिनसे मुख्यमंत्री डरता/दबता हो, सोचिए वे नशा बेचने वालों का क्या हाल करेंगे। पंजाब इस बार भाजपा को मौका जरूर देगा।
जाखड़ बोले-जनाक्रोश के आगे झुकी सरकार
पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरकार को आखिरकार जनाक्रोश के आगे झुकते हुए परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए मजबूर होना पड़ा है। लेकिन यह सिर्फ एक मामला नहीं है। पंजाब में आप सरकार के संरक्षण में ऐसे अनेक मामले हुए हैं, जहां नशा तस्करों ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर लोगों की हत्या की है या उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किया है।
पंजाब दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध है कि अब जब सीबीआई जांच शुरू हो, तो इसे व्यापक दायरे में और तय समयसीमा के भीतर पूरा करके इसके पीछे के पूरे ताने-बाने को उजागर किया जाए, ताकि पीड़ितों को पूर्ण न्याय मिल सके।